उमर अब्दुल्ला ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की

उमर अब्दुल्ला ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की

उमर अब्दुल्ला ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की
Modified Date: July 20, 2026 / 09:59 pm IST
Published Date: July 20, 2026 9:59 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने की मांग की।

दोनों नेताओं ने ये टिप्पणी जंतर-मंतर के निकट उस समय कीं, जब उन्हें जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने से रोक दिया गया।

छात्रों के प्रति एकजुटता जताते हुए उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा के आयोजन में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने कहा, ‘देशभर से आए ये युवा, लड़के और लड़कियां, नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं, परीक्षा के दौरान छात्रों को हुई परेशानियों तथा उनके तनाव और मानसिक दबाव के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि इसके लिए किसी को जवाबदेह ठहराया जाए।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज उनके खिलाफ इतनी बेरहमी से आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।’

उमर अब्दुल्ला ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सदस्यों को भी राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने कहा, ‘हम अपने अधिकारों की मांग को लेकर देश की राजधानी आए हैं। दुर्भाग्य से यहां भी हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।’

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘सरकार में कोई यह नहीं समझता कि यही बच्चे भविष्य में देश के मालिक होंगे। वे अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। हम भी उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। सरकार को छात्रों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए।’

नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने लद्दाख के विशेष दर्जे का मुद्दा भी उठाया और सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘लद्दाख के मुद्दे पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा किया जाना चाहिए। वह लद्दाख के अधिकारों की मांग कर रहे हैं। यह भारत का हिस्सा है, जो चीन और पाकिस्तान से घिरा हुआ है। वह लद्दाख में शांति लाना चाहते हैं। क्या यह गलत बात है?’

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर दिल्ली आए थे।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन हुआ, जिस दिन कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने संसद मार्च का आह्वान किया था। इस मार्च में हजारों प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित चूक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। वह 28 जून से कॉजपा की मांगों के समर्थन में अनशन पर थे।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में