मुख्यमंत्री रेवंत की अपील पर मोदी ने कहा, ‘बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ें’
मुख्यमंत्री रेवंत की अपील पर मोदी ने कहा, ‘बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ें’
हैदराबाद, 10 मई (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को केंद्र सरकार से राज्य की विकास परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध किया, जिसपर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा-बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ जाएं।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को तेलंगाना में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
रेड्डी ने कार्यक्रम में जिक्र किया कि मोदी ने ‘गुजरात मॉडल’ से सफलता प्राप्त की जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे और डॉ. मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोग मोदी से ‘तेलंगाना मॉडल’के माध्यम से उनकी विकास आकांक्षाओं को साकार करने की अपेक्षा रखते हैं ताकि राज्य 2034 तक एक हजार अरब अमेरिकी डॉलर और 2047 तक तीन हजार अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इसके लिए आपको (मोदी को) तेलंगाना को अपना आशीर्वाद देना चाहिए, जैसे कि मनमोहन सिंह जी ने आपका समर्थन किया था। तभी हम प्रगति कर सकते हैं।”
उन्होंने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह महानगरों से संबंधित राष्ट्रीय महत्व की सभी परियोजनाओं की त्वरित मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में एक “विशेष एकल-खिड़की कार्य बल” गठित करने का प्रस्ताव रखा।
मोदी ने बाद में अपने संबोधन में रेवंत रेड्डी की टिप्पणी का जिक्र किया।
रेड्डी ने कहा था कि विकास में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
मोदी ने यह भी कहा कि वह स्वयं राजनीतिक टिप्पणियों से दूर रहेंगे।
उन्होंने तेलंगाना को केंद्र सरकार के समर्थन का आश्वासन देते हुए रेड्डी को विकास यात्रा में उनके साथ जुड़ने का निमंत्रण दिया।
मोदी ने कहा, “मैं रेवंत जी से कहना चाहूंगा कि मैं आपको उतना ही देने को तैयार हूं जितना केंद्र ने मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए 10 वर्षों के शासनकाल में गुजरात को दिया था। लेकिन मेरी समझ के अनुसार, मुझे आपको यह भी बताना होगा, जिस क्षण मैं ऐसा करूंगा, आपको अभी जो मिल रहा है वह आधा हो सकता है। आप अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ें।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दलों का शासन होना गलत नहीं है।
प्रधानमंत्री ने साथ ही यह भी कहा कि राज्यों का विकास उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि राष्ट्र का विकास।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष

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