स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर ओडिशा विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा
स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर ओडिशा विधानसभा में विपक्ष ने किया हंगामा
भुवनेश्वर, 24 मार्च (भाषा) ओडिशा विधानसभा में विपक्ष ने कटक के एक सरकारी अस्पताल में आग लगने से हुई 12 मरीजों की मौत के सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के इस्तीफे की मांग को लेकर जबर्दस्त हंगामा किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सुबह 10:30 बजे प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजद और कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा करने लगे। वे हाथों में तख्तियाँ लिए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
उन्होंने एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सुरक्षा मानकों को बनाए रखने में विफलता का आरोप लगाते हुए तत्काल स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कहा कि मंत्री के इस्तीफा देने तक विधानसभा के अंदर और बाहर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संवाददाताओं से कहा, “मैं फिर कहता हूं कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। हमारी पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।”
पटनायक ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए हैरानी जताई कि घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी कोई केंद्रीय मंत्री अस्पताल नहीं पहुंचा।
उन्होंने इसकी तुलना उनके मुख्यमंत्री रहने के दौरान हुई उन घटनाओं से की, जब केंद्रीय मंत्रियों ने इसी तरह की त्रासदी वाले स्थलों का दौरा किया था।
सदन में व्यवस्था बहाल करने का प्रयास विफल होने के बाद अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान कुछ महिला विधायकों ने अध्यक्ष के आसन के पास आने की कोशिश की, लेकिन मार्शलों ने उन्हें रोक दिया, जिससे थोड़ी देर के लिए हंगामा भी हुआ। शून्यकाल के दौरान भी व्यवधान जारी रहा।
बीजद ने यह भी कहा कि उसने कटक के मंगलाबाग थाने में महालिंग और एससीबी मेडिकल कॉलेज के पूर्व अधीक्षक डॉ. गौतम सतपथी के खिलाफ घटना में ‘आपराधिक लापरवाही’ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए, भाजपा विधायक अशोक मोहंती ने पिछली बीजद सरकार पर अपने लंबे कार्यकाल के दौरान अस्पताल में अग्नि सुरक्षा अवसंरचना को उन्नत करने में विफल रहने का आरोप लगाया और इस घटना को ‘वर्षों की उपेक्षा’ का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और स्वास्थ्य मंत्री 16 मार्च को सुबह-सुबह घटनास्थल पर पहुंच गए।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप

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