चढ़ावा चोरी, छात्रों पर बलप्रयोग मुद्दे पर शाह के बयान की मांग पर अड़ा विपक्ष, रास दो बजे तक स्थगित
चढ़ावा चोरी, छात्रों पर बलप्रयोग मुद्दे पर शाह के बयान की मांग पर अड़ा विपक्ष, रास दो बजे तक स्थगित
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उच्च सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे पुन: शुरू हुई तो सदन में विपक्षी सदस्यों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए हंगामा फिर से शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया।
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने हंगामा कर रहे सदस्यों को आगाह किया कि वे आसन के समीप न आएं और सदन में तख्तियां भी न दिखाएं। सभापति ने कहा कि जो कुछ उन्होंने कहा, सदस्य उसका ध्यान रखें क्योंकि वह दूसरा मौका नहीं देंगे और कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
उन्होंने सदन में प्रश्नकाल शुरू कराया और सदस्यों ने पूरक प्रश्न पूछे तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने उन प्रश्नों के जवाब दिए। हंगामे के कारण उनकी बात सुनी नहीं जा सकेी।
इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए विपक्षी सदस्य अपने स्थानों से उठ कर आगे आ गए। इनमें से कुछ के हाथों में तख्तियां भी थीं। हंगामा कर रहे सभी सदस्य शाह के बयान की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने उनका विरोध किया।
सदन में हंगामे और शोरगुल के कारण सभापति ने उच्च सदन की बैठक 12 बज कर 17 मिनट पर अपराह्न तीन बजे तक स्थगित कर दी।
इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और शून्यकाल के तहत सदस्यों से लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा।
इसी दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग दोहराई।
सभापति ने सदस्यों ने शून्यकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने शून्यकाल के तहत मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे लेकिन विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। कुछ सदस्य अपने स्थानों से उठकर आगे आ गए। सभापति ने इन सदस्यों को अपने स्थानों पर लौट जाने के लिए कहा।
हंगामे के बीच ही कुछ सदस्यों ने शून्यकाल के तहत लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाए। एक सदस्य ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया जिसे सभापति ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जब सदन में व्यवस्था ही नहीं है तो व्यवस्था के प्रश्न का सवाल भी नहीं उठता।
राधाकृष्णन ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील पुन: की। अपनी बात का असर होते न देख उन्होंने 11 बजकर 24 मिनट पर बैठक को दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दिया।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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