विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक से वाकआउट किया
विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक से वाकआउट किया
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसदों के मामलों पर विरोध जताते हुए रविवार को सर्वदलीय बैठक से बहिर्गमन किया किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी। साथ ही, एक कम चर्चित राजनीतिक दल ‘नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) में शामिल हुए तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के लिए लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था को भी स्वीकृति प्रदान की।
राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि संविधान की अहवेलना करके तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिवसेना (उबाठा) के साथ जो हुआ, उसके खिलाफ बहिर्गमन किया गया है।
शिवसेना (उबाठा) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि पार्टी से बगावत करने वाले सभी सांसदों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए।
बहिर्गमन के कुछ देर बाद विपक्षी नेता बैठक में शामिल हुए।
मानसून सत्र 20 जुलाई से आरंभ होगा और इसके 13 अगस्त तक चलने की संभावना है।
संसद के प्रत्येक सत्र से पहले होने वाली इस बैठक में सरकार आमतौर पर अपने विधायी कार्यक्रम की जानकारी देती है और सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग का आग्रह करती है।
भाषा हक हक रंजन
रंजन

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