केरल विधानसभा में विपक्षी यूडीएफ ने भारी हंगामे के बाद सदन से बहिर्गमन किया

केरल विधानसभा में विपक्षी यूडीएफ ने भारी हंगामे के बाद सदन से बहिर्गमन किया

केरल विधानसभा में विपक्षी यूडीएफ ने भारी हंगामे के बाद सदन से बहिर्गमन किया
Modified Date: February 24, 2026 / 01:47 pm IST
Published Date: February 24, 2026 1:47 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 फरवरी (भाषा) केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) विपक्ष ने शबरिमला मंदिर से सोने की कथित चोरी के मुद्दे को लेकर मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही बाधित की और सदन का बहिष्कार किया।

विपक्ष के सदस्यों ने आसन के समीप आकर शबरिमला मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद, विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और सदन से बहिर्गमन कर दिया।

इससे पहले, विपक्ष ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर शबरिमला सोना चोरी मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में ‘हस्तक्षेप’ करने का आरोप लगाया। इसी के साथ विपक्ष के सदस्यों ने राज्य के देवस्वओम मंत्री वी एन वासवन के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में तख्तियां और बैनर लहराए तथा सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

विपक्ष के भारी हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमशीर ने प्रश्नकाल स्थगित कर दिया और अन्य कामकाज को आगे बढ़ाया।

इससे पहले जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्ष ने अध्यक्ष से कहा कि शबरिमला मंदिर सोना चोरी और मंदिर के तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदरारु राजीवरु की गिरफ्तारी के मामले में सरकार के रुख की वजह से वे सदन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे।

वरिष्ठ कांग्रेस विधायक के. बाबू ने सदन में यूडीएफ का पक्ष रखा क्योंकि विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन अपनी ‘नवयुग यात्रा’ के कारण सदन में उपस्थित नहीं थे।

सत्तारूढ़ एलडीएफ ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। सरकार के मंत्री पी. राजीव और एम. बी. राजेश ने सदन में कहा कि यूडीएफ पिछले पांच वर्षों में सरकार के खिलाफ एक भी अविश्वास प्रस्ताव लाने में विफल रहा है।

मंत्रियों ने कहा कि विपक्ष, सरकार के 21 मंत्रियों में से किसी के भी खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी मामला पेश करने में असमर्थ रहा है।

मंत्रियों ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष पर ‘राजनीतिक दिवालियापन’ का आरोप लगाया और उन्हें राज्य के हितों के खिलाफ बताया।

विपक्ष ने सोमवार को भी सदन में प्रदर्शन किया था। इस दौरान शबरिमला सोना चोरी मामले में आरोपियों को जमानत मिलने का मुद्दा उठाया गया और ‘बिना किसी सबूत के’ तंत्री की गिरफ्तारी को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की गई।

यूडीएफ ने यह आरोप भी लगाया कि मामले के मुख्य आरोपियों को सरकार की ओर से हुई चूक और ढिलाई के कारण जमानत मिली है।

केरल उच्च न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी शबरिमला मंदिर के ‘श्रीकोविल’ (गर्भगृह) के दरवाजों के चौखट और ‘द्वारपालक’ मूर्तियों से सोने की कथित चोरी के मामले की जांच कर रही है।

भाषा

प्रचेता वैभव

वैभव


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