उस्मानिया विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक और प्रशासनिक स्थानों पर प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया
उस्मानिया विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक और प्रशासनिक स्थानों पर प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया
हैदराबाद, 16 मार्च (भाषा) तेलंगाना के हैदराबाद स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय ने अपने विभागों, कॉलेजों, केंद्रों और प्रशासनिक भवनों के परिसर में धरना, आंदोलन और नारे लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
विश्वविद्यालय ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब छात्रों और कुछ छात्र समूहों द्वारा हाल ही में किए गए प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुआ था।
तेरह मार्च को जारी एक परिपत्र में विश्वविद्यालय प्राधिकारियों ने कहा कि इन घटनाओं से विश्वविद्यालय के सुचारू कामकाज पर प्रभाव पड़ता है जिससे प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रगति में देरी होती है। परिपत्र में कहा गया कि कुछ मौकों पर उन्होंने सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी जताई हैं।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी. रामा राव ने रविवार को इस परिपत्र की आलोचना की।
किशन रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीआरएस की पिछली सरकार और वर्तमान कांग्रेस सरकार में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय द्वारा जारी परिपत्र इसका स्पष्ट उदाहरण है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रेड्डी ने कहा, ‘‘उस्मानिया विश्वविद्यालय में हुए आंदोलन और बलिदान तेलंगाना राज्य की स्थापना के मुख्य कारणों में से थे। उसी उस्मानिया विश्वविद्यालय में अब रेवंत रेड्डी सरकार ने एक परिपत्र जारी कर धरना, नारेबाजी, आंदोलन और प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। केसीआर ने पहले भी इसी तरह के आदेश दिए थे।’’
भाषा प्रीति रंजन
रंजन

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