‘आज्ञाकारी नौकर’ की तरह आदेशों का पालन करते हैं हमारे प्रधानमंत्री: राहुल ने अमेरिकी बयानों पर कहा

‘आज्ञाकारी नौकर’ की तरह आदेशों का पालन करते हैं हमारे प्रधानमंत्री: राहुल ने अमेरिकी बयानों पर कहा

‘आज्ञाकारी नौकर’ की तरह आदेशों का पालन करते हैं हमारे प्रधानमंत्री: राहुल ने अमेरिकी बयानों पर कहा
Modified Date: June 14, 2026 / 02:25 pm IST
Published Date: June 14, 2026 2:25 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जून (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका की ओर से दिए गए बयानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए रविवार को कहा कि ‘‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’’ (समझौता कर चुके प्रधानमंत्री) एक ‘‘आज्ञाकारी नौकर’’ की तरह सुनते हैं और ‘‘आदेशों’’ का पालन करते हैं।

गांधी ने कहा कि ‘‘कोई कंप्रोमाइज्ड पीएम’’ देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वह उन्हीं के वश में हैं।

अमेरिका ने हाल में कहा था कि उसने भारत को बता दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी का कोई भी उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को यह बात कही थी। जयशंकर ने ओमान तट के पास पोतों पर अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को रुबियो से बात की थी।

गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद- न अफसोस, न माफी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके शब्द पढ़िए: ‘अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।’ कोई उल्लंघन ‘बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’।’’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा लेकिन हमारे ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ चुप हैं। वह एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं और आदेश मान लेते हैं।’’

गांधी ने कहा, ‘‘कोई ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वह उन्हीं के वश में हैं।’’

गांधी ने एक अन्य पोस्ट साझा कर ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े एक पोत पर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण एक भारतीय नागरिक की मौत का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है। विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुप-चाप आदेश मान लेती है और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं।’’

गांधी ने ‘एमटी सेलेस्टियल’ के भारतीय कप्तान के हवाले से साझा की गई एक पोस्ट को ‘टैग’ करते हुए कहा, ‘‘इस भारतीय को घर लाइए। अभी।’’

उस पोस्ट में कहा गया था कि उनके दूसरे अधिकारी का शव खराब हो रहा है।

मस्कट स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े एक पोत पर सवार एक भारतीय नागरिक की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण मौत हो गई।

भारतीय दूतावास ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के रूप में की गई है। उसने बताया कि जब निशांत की मौत हुई उस समय वह मोटर टैंकर (एमटी) सेलेस्टियल पर सवार थे।

दूतावास ने कहा, ‘‘भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन का स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया।’’

दूतावास ने बताया कि उनका शव फिलहाल डुक्म बंदरगाह पर खड़े पोत पर है।

भारतीय दूतावास ने कहा कि वह पोत प्रबंधन कंपनी के लगातार संपर्क में है और सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रहा है।

दूतावास ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि निशांत के शव को जल्द भारत भेजने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा था रुबियो ने जयशंकर से बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि सभी वाणिज्यिक पोतों को अमेरिकी बलों के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।

पिगॉट ने वाशिंगटन में कहा कि रुबियो ने इस बात को रेखांकित किया कि अमेरिकी नाकेबंदी के उल्लंघन और ईरानी तेल के अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अमेरिका ने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है। इसका मकसद ईरान के बंदरगाहों से पोतों की आवाजाही रोकना और तेल व्यापार से तेहरान को होने वाले लाभ को सीमित करना है।

ओमान तट के पास इस सप्ताह भारतीय चालक दल वाले तीन पोतों पर हमले किए गए। इनमें से एक घटना में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।

इसके बाद जयशंकर ने ओमान की खाड़ी में एक मालवाहक पोत पर अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीयों की मौत का विरोध दर्ज कराने के लिए रुबियो से बात की थी।

रुबियो से बातचीत के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि वाणिज्यिक पोतों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई उचित नहीं है।

इससे पहले शुक्रवार को भारत ने नयी दिल्ली में अमेरिका के प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया था और उनसे कहा था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक पोतों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं।

इसके कुछ घंटे बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय पोतों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया था और कहा था कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय पोतों पर कल रात उनका यानी ईरान का पूरी तरह नाकाम किया गया ड्रोन हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्हें तुरंत संभल जाना चाहिए।’’

ईरान ने ट्रंप के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। भारत में ईरानी दूतावास ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय पोत को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार है।

भाषा सिम्मी गोला

गोला


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