जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में कैंसर के 32,000 से अधिक मामले सामने आए

जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में कैंसर के 32,000 से अधिक मामले सामने आए

जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में कैंसर के 32,000 से अधिक मामले सामने आए
Modified Date: February 13, 2026 / 03:21 pm IST
Published Date: February 13, 2026 3:21 pm IST

जम्मू, 13 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर में हाल के वर्षों में कैंसर के 32,000 से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 79 प्रतिशत मामले केवल कश्मीर घाटी में दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने शुक्रवार को यह जानकारी विधानसभा को दी।

पीडीपी विधायक वहीद-उर-रहमान के एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि कश्मीर संभाग में 2022–2024 के बीच 25,621 मामले सामने आए जबकि जम्मू संभाग में 2023–2025 के बीच 6,804 मामले सामने आए।

मंत्री ने बताया कि सबसे अधिक मामले फेफड़े, स्तन, मुख, गर्भाशय और प्रोस्टेट के कैंसर से जुड़े हैं।

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा संकलित आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि कश्मीर संभाग में 2022 में 8,021; 2023 में 8,621 और 2024 में 8,979 मामले सामने आए जो लगातार वृद्धि को दर्शाते हैं।

जम्मू संभाग में 2023 में 2,036; 2024 में 2,187 और 2025 में 2,581 मामले सामने आए।

कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम, शीघ्र पहचान और उपचार के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और जम्मू के राजकीय मेडिकल कॉलेज के कैंसर संस्थानों में कैंसर के इलाज की सुविधाएं हैं।

मंत्री ने कहा कि कैंसर के शुरुआती संकेतों और जोखिम कारकों जैसे तंबाकू का परित्याग, स्वस्थ आहार और जीवनशैली में बदलाव के बारे में सार्वजनिक शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि कैंसर की रोकथाम और शीघ्र उपचार को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि एसकेआईएमएस, सौरा में ‘पीईटी’ स्कैन सुविधा उपलब्ध है और जीएमसी श्रीनगर के लिए 16 करोड़ रुपये की लागत से एक और ‘पीईटी’ स्कैन इकाई खरीदी जा रही है। इसके अलावा, जम्मू संभाग में निजी क्षेत्र के नारायणा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, ककर्याल (कटरा) और अमेरिकन ऑन्कोलॉजी इंस्टीट्यूट आदि में भी ‘पीईटी’ स्कैन सुविधाएं उपलब्ध हैं।

भाषा तान्या अविनाश

अविनाश


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