पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का : जनरल द्विवेदी

पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का : जनरल द्विवेदी

पाकिस्तान को तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का : जनरल द्विवेदी
Modified Date: May 16, 2026 / 01:30 pm IST
Published Date: May 16, 2026 1:30 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) पाकिस्तान को कड़ा सैन्य संदेश देते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि अगर इस्लामाबाद आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां जारी रखता है, तो उसे ‘‘यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का।’’

दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में ‘यूनिफॉर्म अनवील्ड’ द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र में उनसे पूछा गया कि यदि पिछले वर्ष की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी परिस्थितियां फिर उत्पन्न होती हैं, तो भारतीय सेना की प्रतिक्रिया क्या होगी।

इस पर सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘यदि आपने मुझे पहले सुना है, तो मैंने यही कहा है… कि पाकिस्तान, अगर वह आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ काम करना जारी रखता है, तो उसे तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का।’’

‘सेना संवाद’ कार्यक्रम में उनकी ये टिप्पणियां देश और भारतीय सेना द्वारा शुरू किए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने के कुछ ही दिनों बाद आईं।

जनरल द्विवेदी के ये संक्षिप्त लेकिन सख्त बयान पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश माने जा रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहराते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पिछले वर्ष छह-सात मई की दरमियानी रात को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इसके तहत भारतीय बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।

इसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी और भारत की सभी जवाबी कार्रवाइयां भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ही की गई थीं।

दोनों परमाणु-संपन्न पड़ोसी देशों के बीच करीब 88 घंटे तक चले इस सैन्य संघर्ष का अंत 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच बनी समझ के बाद हुआ था।

भाषा गोला खारी

खारी


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