नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) भारत ने जम्मू-कश्मीर से सात साल पहले अनुच्छेद-370 को हटाने के विरोध में पाकिस्तान द्वारा पांच अगस्त को ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ या ‘शोषण दिवस’ के तौर पर मनाने की प्रयास को बुधवार को खारिज करते हुए इसे ‘बेकार की कोशिश’ करार दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देने की पाकिस्तान की कोशिशों का ‘एकमात्र’ उद्देश्य अपने ‘खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के वैश्विक केंद्र’ के तौर पर अपनी पहचान से ध्यान भटकाना है।
भारत सरकार ने पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान में विशेष दर्जा देने वाले प्रावधान अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी कर दिया था और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।
पाकिस्तान तब से इस दिन को ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ के तौर पर मना रहा है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत, पाकिस्तान की उस राजनीतिक बेतुकी हरकत और बेकार की कोशिशों को पूरी तरह खारिज करता है, जिसके तहत वह भारत के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार करने के लिए तथाकथित ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ मना रहा है।’’
वह पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।डार ने कहा था कि सात साल पहले भारत के कदम ने दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता लाने की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है।
जायसवाल ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ‘‘भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं, हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेंगे’’।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि 2019 में किए गए संवैधानिक बदलाव पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इन फैसलों से इस इलाके के लोगों के लिए अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण आया है। पाकिस्तान को उन मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है जो पूरी तरह से भारत के आंतरिक मामले हैं।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान की ‘‘झूठ फैलाने की हताश कोशिशों’’ का एकमात्र उद्देश्य दुनिया का ध्यान अपने ‘‘खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के वैश्विक केंद्र होने की स्थिति’’ से हटाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समय पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके)में बुनियादी अधिकारों के निर्ममता से दमन का गवाह बन रहा है।’’
जायसवाल ने पीओजेके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, ‘‘हाल के हफ्तों में पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों के नेतृत्व में हो रहे शांतिपूर्ण नागरिक अधिकार प्रदर्शनों को कुचलने के लिए जानलेवा हिंसा, लक्षित हत्या और बेहद सख्त प्रतिबंधों का सहारा लिया है।’’
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा पीओजेके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जून के बाद से अब तक की कार्रवाई में कम से 90 लोग मारे गए हैं।
जायसवाल ने कहा, ‘‘निहत्थे नागरिकों के खिलाफ राज्य-प्रायोजित ऐसी हिंसा पाकिस्तानी तंत्र के दोहरे चरित्र को उजागर करती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व निर्धारित कूटनीतिक नाटक करने के बजाय पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह पीओजेके में खून-खराबा रोके, अपनी जमीन से चल रहे आतंकी नेटवर्क के खिलाफ विश्वसनीय, सत्यापन करने योग्य और दोबारा इसके पनप नहीं पाने वाले कदम उठाए, और अपने अवैध और जबरन कब्ज़े वाले सभी भारतीय इलाकों को तुरंत खाली करे।’’
जयसवाल ने कहा, ‘‘दुनिया इन सुनियोजित तमाशों से गुमराह नहीं होती।’’
भाषा धीरज नरेश
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