छात्र आत्महत्या मामला: आईआईटी मुंबई के निदेशक ने इस्तीफा देने की बात कही

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छात्र आत्महत्या मामला: आईआईटी मुंबई के निदेशक ने इस्तीफा देने की बात कही

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 01:42 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 01:42 PM IST

मुंबई, 21 सितंबर (भाषा) मुंबई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एक छात्र की आत्महत्या को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने कहा है कि वह सोमवार को इस्तीफा दे देंगे।

हालांकि, केदारे ने स्पष्ट किया कि उन्हें इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आईआईटी मुंबई के बोर्ड की बैठक सोमवार को होनी है।

प्रोफेसर केदारे ने रविवार देर रात प्रदर्शनकारियों से कहा, ‘‘मैं इस्तीफा दूंगा, हालांकि मुझे प्रक्रिया का पालन करना होगा और मैं सोमवार को बैठक के बाद अपने फैसले के बारे में बताऊंगा।’’

संस्थान का प्रशासन एक बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से रखी गई 18 मांगों को मानने पर सहमत हो गया है।

अधिकारियों के अनुसार, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे (22) का शव शुक्रवार शाम आईआईटी मुंबई के पवई परिसर स्थित छात्रावास के कमरे में पंखे से बंधे फंदे पर लटका मिला था।

आरोप है कि परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ ही घंटे बाद वाकोडे ने आत्महत्या कर ली।

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले वाकोडे के परिवार ने आरोप लगाया है कि वाकोडे को संस्थान में प्रातड़ित किया गया और उसे जातिगत भेदभाव तक झेलना पड़ा। छात्र की आत्महत्या के बाद परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि वाकोडे को निलंबित करने तक की धमकियां दी गईं।

छात्र के माता-पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के मुताबिक, मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है और इसकी जांच अपराध शाखा कर रही है।

आईआईटी मुंबई की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, वाकोडे ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र कथित तौर पर चैटजीपीटी पर अपलोड किया था। हालांकि, बयान में कहा गया है कि उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।

बयान में कहा गया कि इस मामले को लेकर शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने भी छात्र से बात की थी। उन्होंने उसे समझाया और भरोसा दिलाया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इसके बाद छात्र अपने छात्रावास के कमरे में लौट गया। बाद में उसी शाम वह अपने कमरे में मृत मिला।

भाषा खारी सिम्मी

सिम्मी