पलानीस्वामी ने द्रमुक पर अन्नाद्रमुक को तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया
पलानीस्वामी ने द्रमुक पर अन्नाद्रमुक को तोड़ने की साजिश रचने का आरोप लगाया
सलेम,21 अप्रैल (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को दावा किया कि द्रमुक ने उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रची थी, लेकिन उसे सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया।
तमिलनाडु में बृहस्पतिवार को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार के आखिरी दिन अपने गृह जिले सलेम में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सत्तारूढ़ द्रमुक से निवेश को लेकर भी सवाल किए।
अन्नाद्रमुक प्रमुख ने द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन पर अन्नद्रमुक को ‘तोड़ने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मुख्यमंत्री था (2016-21), मुझे कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। स्टालिन ने हमारी पार्टी को तोड़ने की साजिश रची, लेकिन हमने उस साजिश को नाकाम कर दिया।’’
उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि यह विधानसभा चुनाव तमिलनाडु का ‘शोषण’ करके अपना अस्तित्व बनाए रखने वाले ‘एक परिवार’ और राज्य की जनता के बीच का मुकाबला है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘जनता इस परिवारवादी शासन और वंशानुगत राजनीति का अंत करेगी।’’
पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री स्टालिन के उस दावे की याद दिलाई जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि द्रमुक शासन में 1,179 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए और 15 लाख करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आकर्षित किया गया जिससे 35 लाख नौकरियां सृजित हुईं। अन्नाद्रमुक महासचिव ने कहा, ‘‘अगर वास्तव में ऐसा होता, तो 35 लाख लोगों को रोजगार मिलना चाहिए था। यह (दावा) पूरी तरह से मनगढ़ंत है।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बड़े पैमाने पर कारखानों के निर्माण में चार साल लगेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘एक बार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद, भूमि अधिग्रहण होना चाहिए। कारखाने द्वारा भूमि अधिग्रहण के बाद, राज्य सरकार को केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी।’’ उन्होंने कहा कि इसके लिए वित्तीय संसाधनों को जुटाना होगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से अपनी पूंजी से कारखाना स्थापित नहीं करता, इसलिए ऋण प्राप्त करने के लिए बैंकों से संपर्क करना पड़ता है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘भवन निर्माण पूरा होने के बाद ही कारखाना चालू होता है और इस पूरी प्रक्रिया में चार साल लगते हैं। स्टालिन इस बात से भलीभांति परिचित हैं और जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं।’’
पलानीस्वामी ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में निवेश के संबंध में एक श्वेत पत्र की मांग की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बजाय संबंधित मंत्री ने मुझे एक खाली कागज दिखाया। उस खाली कागज को दिखाकर उन्होंने प्रभावी रूप से यह प्रदर्शित किया कि वास्तव में कुछ भी नहीं किया गया है।’’
अन्नाद्रमुक के सत्ता में आने पर सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए प्रयास करने का वादा करते हुए पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘हमारे गठबंधन की घटक पार्टी भाजपा वर्तमान में केंद्र में सत्ता में है और हम जनता की सभी इच्छाओं को पूरा करेंगे।’’
भाषा
संतोष मनीषा
मनीषा

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