एलपीजी सिलेंडर को लेकर घबराहट का माहौल, तेलंगाना में बुकिंग प्रणाली प्रभावित

एलपीजी सिलेंडर को लेकर घबराहट का माहौल, तेलंगाना में बुकिंग प्रणाली प्रभावित

एलपीजी सिलेंडर को लेकर घबराहट का माहौल, तेलंगाना में बुकिंग प्रणाली प्रभावित
Modified Date: March 13, 2026 / 12:31 pm IST
Published Date: March 13, 2026 12:31 pm IST

हैदराबाद, 13 मार्च (भाषा) तेलंगाना में एलपीजी सिलेंडरों की घबराहट में की जा रही भारी बुकिंग के कारण राज्य के कई वितरण केंद्रों पर एलपीजी बुकिंग प्रणाली प्रभावित हो गई है।

तेलंगाना एलपीजी वितरक संघ के अध्यक्ष कल्लूरी जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि एलपीजी की अचानक बढ़ी मांग के कारण वितरण नेटवर्क लगभग ठप हो गया है और राज्य के कई एलपीजी वितरण केंद्रों पर कामकाज बाधित हुआ है।

उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं द्वारा अचानक बड़ी संख्या में सिलेंडर बुक कराने से बृहस्पतिवार को कई स्थानों पर तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याएं पैदा हो गईं।

रेड्डी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है और नियमित आपूर्ति हो रही है। लेकिन उपभोक्ताओं में घबराहट के कारण बुकिंग बढ़ गई है, जिससे लंबित ऑर्डर बढ़ रहे हैं। कारोबार में अचानक 50 प्रतिशत की वृद्धि होने से आपूर्ति में देरी हो रही है। यह पूरी तरह से घबराहट में की जा रही खरीद का नतीजा है।”

उन्होंने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली पर होती है, जो पूरे देश में सत्यापन के लिए इस्तेमाल होने वाला नेटवर्क है, इसलिए वितरण केंद्रों पर काफी दबाव है।

राज्य में 810 एलपीजी वितरक हैं और करीब 1.30 करोड़ उपभोक्ता हैं। हर महीने लगभग 60 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की जाती है।

रेड्डी के अनुसार 82 प्रतिशत उपभोक्ता घरेलू श्रेणी के हैं, जबकि शेष 18 प्रतिशत वाणिज्यिक श्रेणी से संबंधित हैं।

उन्होंने कहा, “पिछले तीन-चार दिनों से वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग नहीं हुई है। कुछ लोगों के पास पुराना स्टॉक हो सकता है और वे उसे अधिक कीमत पर बेचने की कोशिश कर सकते हैं।”

राज्य में पांच रसोई गैस बॉटलिंग संयंत्र हैं—हैदराबाद के पास चारलापल्ली में तीन और कमलापुर (वारंगल) तथा तिम्मापुर (बालानगर) में क्रमश: एक-एक संयंत्र हैं।

राज्य के नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है, ताकि यह जांच की जा सके कि आपूर्ति में कोई कमी है या नहीं और आगे की रणनीति क्या हो।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव भी मौजूद रहेंगे।

भाषा

मनीषा वैभव

वैभव


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