संसद ने केरल का नाम ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक को दी मंजूरी
संसद ने केरल का नाम ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक को दी मंजूरी
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) संसद ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रावधान वाले एक विधेयक को बुधवार को मंजूरी दे दी।
राज्यसभा ने ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ पर हुई चर्चा एवं गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे मंगलवार को पारित कर चुकी है।
इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री राय ने कहा कि केरल की 15वीं विधानसभा ने 14 जून 2024 को संकल्प पारित कर केंद्र सरकार से अपील की थी कि संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के लिए तत्काल कदम उठाया जाए।
राय ने कहा, ‘‘केरल सरकार ने कारण दिया कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम केरलम है लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में इसे केरल दर्ज किया गया है।’’
इससे पहले विधेयक पर हुई चर्चा में केरल के सदस्यों ने अपनी बात मलयालम में रखी तथा केरल की संस्कृति की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताया। कई सदस्यों ने ध्यान दिलाया कि यह कदम राज्य के लोगों की इच्छा के अनुरूप उठाया जा रहा है।
विपक्ष के कुछ सदस्यों ने विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर प्रश्न उठाया।
सदन के नेता जेपी नड्डा ने सरकार की ओर से स्पष्ट किया कि संविधान के अनुरूप गृह राज्य मंत्री इस विधेयक को सदन में चर्चा के लिए पेश कर सकते हैं और जवाब दे सकते हैं।
चर्चा में भाजपा के तरुण चुघ, सुधांशु त्रिवेदी, लहर सिंह सरोया, कांग्रेस की जे बी माथेर हीशम, मनोनीत सदस्य सी सदानंद मास्टर, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, द्रमुक के तिरुचि शिवा, बीजद के सुभाशीष खुंटिया, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के गोल्ला बाबूराव, अन्नाद्रमुक सदस्य डॉ एम थंबीदुरै, शिवसेना की ज्योति नागराज वाघमारे, राकांपा के राजेंद्र हीरालाल जैन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, आरएलएम के उपेन्द्र कुशवाहा, बीआरएस के रविचंद्र वद्दीराजू, माकपा के डॉ वी शिवादासान और ए ए रहीम, तेदेपा के विजय चिंताकायला, केसी(एम) सदस्य जोस के मणि, भाकपा सदस्य संदोष कुमार पी, आईयूएमएल के हारिस बीरन, यूपीपी(एल) के रवंगवरा नारजारी ने भी भाग लिया।
चर्चा के दौरान पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी और सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने हस्तक्षेप भी किया।
केरल की पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार ने भारत सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था।
राज्य विधानसभा ने अगस्त 2023 में इसी तरह का एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करते हुए इसे केंद्र को भेजा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसमें कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था।
संविधान के अनुच्छेद 3 में मौजूदा राज्यों के नाम परिवर्तन का प्रावधान है। अनुच्छेद 3 के अनुसार, संसद कानून द्वारा किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है।
भाषा माधव मनीषा
अविनाश

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