संसद ने सहकारी विकास निगम का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक को दी मंजूरी
संसद ने सहकारी विकास निगम का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक को दी मंजूरी
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) संसद ने बुधवार को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी, जिसमें राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने का प्रावधान है।
राज्यसभा ने विधेयक पर हुई चर्चा का सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के जवाब के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। लोकसभा इसे मंगलवार को पारित कर चुकी है।
उच्च सदन ने विधेयक पर विपक्ष द्वारा पेश संशोधनों को खारिज कर दिया।
विधेयक पर चर्चा शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बात पर आपत्ति जतायी कि इस विधेयक पर चर्चा के समय गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित नहीं हैं। हालांकि उपसभापति ने उनकी इस आपत्ति को खारिज कर दिया।
बाद में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के सदस्य विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताते हुए सदन से वॉक आउट कर गये।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सहकारिता राज्य मंत्री मोहोल ने कहा कि एनसीडीसी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि उपज, खाद्य पदार्थों, औद्योगिक उत्पादन और पशुधन संबंधी सेवाओं तक सीमित था, लेकिन अब वह प्रसंस्करण, भंडारण, विपणन, आयात और निर्यात से संबंधित योजना बनाने और उन्हें लागू करने का कार्य भी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एनसीडीसी को सहकारिता क्षेत्र में प्रौद्योगिकी और अन्य बदलावों के अनुरूप बनाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की दृष्टि से इस विधेयक में कई प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने सहकारिता क्षेत्र में कानून बनाने के लिए हमेशा राज्यों की सरकारों से सुझाव लिये हैं और किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया गया।
मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार का लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से देश के किसानों के जीवन को समृद्ध बनाना है।
विधेयक के तहत एनसीडीसी को सहकारी समितियों या इस क्षेत्र के विकास में लगी किसी भी इकाई को सीधे ऋण और अनुदान देने का अधिकार मिल सकेगा।
सहकारिता मंत्रालय के तहत आने वाला एनसीडीसी एक वैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 1963 में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 के तहत की गई थी।
मोहोल ने कहा कि एनसीडीसी का विस्तार आवश्यक है। इसके लिए ही यह विधेयक लाया गया है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने सहकारिता आंदोलन को देश के किसानों के लिए बहुत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे अर्थव्यवस्था के विकास में मदद मिलेगी।
कुछ सदस्यों ने सहकारी विकास निगम का अधिकार क्षेत्र बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि इसके अधिकार संपन्न बनने से सहकारी सस्थाओं के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इस विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, जून 2021 में अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन और केंद्र सरकार द्वारा सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों के बाद सहकारी क्षेत्र के विकास में एनसीडीसी की भूमिका काफी बढ़ गई है।
इसके अनुसार विधेयक में एनसीडीसी के कार्यक्षेत्र (अधिकार क्षेत्र) को बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत एनसीडीसी का दायरा केवल सहकारी समितियों के माध्यम से कार्यक्रमों की योजना बनाने और उन्हें बढ़ावा देने तक सीमित न रहकर, सहकारी विकास से जुड़े कार्यक्रमों की योजना बनाने और उन्हें बढ़ावा देने तक किया जाएगा।
इसके अलावा विधेयक में एनसीडीसी को सहकारी समितियों या सहकारी विकास से जुड़े किसी भी संस्थान को सीधे ऋण और अनुदान देने का अधिकार देने का प्रावधान किया गया है, बशर्ते इन धनराशियों का इस्तेमाल सहकारी उद्देश्यों के लिए किया जाए।
भाषा
माधव अविनाश
अविनाश

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