पार्टी मजबूत है, एक बार फिर विजयी होकर उभरेगी: द्रमुक
पार्टी मजबूत है, एक बार फिर विजयी होकर उभरेगी: द्रमुक
चेन्नई, छह मई (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार को लोकतंत्र की एक सामान्य घटना करार देते हुए द्रमुक ने बुधवार को कहा कि उसने अपने लंबे राजनीतिक इतिहास में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अनुसार, पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब भी जनता के कल्याण हेतु अच्छा काम जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पार्टी के उतार-चढ़ाव भरे इतिहास का हवाला देते हुए द्रमुक के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने कहा कि 1991 के राज्य विधानसभा चुनाव में 234 सीट में से पार्टी केवल दो सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी। दिवंगत वरिष्ठ नेता एम. करुणानिधि हार्बर से और परिथी इलमवझुथी एग्मोर सीट से विजयी हुए थे। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘1991 को कौन भूल सकता है? उस साल हम हार गए थे। लेकिन 1996 में हमने वापसी की और सरकार बनाई। हमने सात दशक से अधिक लंबे इतिहास में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और पार्टी कार्यकर्ता दृढ़ संकल्प दिखाते हुए सत्ता से बाहर होने पर भी अच्छा काम करते रहते हैं।’
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी (24.19 प्रतिशत) और ‘जीतने वाली पार्टी’ (34.92 प्रतिशत) के बीच वोट शेयर का अंतर ‘बहुत अधिक नहीं’ है।
भारती ने विश्वास जताया है कि पार्टी एक बार फिर विजयी होकर उभरेगी।
द्रमुक प्रमुख एक के स्टालिन ने चार मई को कहा कि उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में बहुत जीत और हार देखी हैं। इसलिए, केवल चुनावी जीत और हार नहीं बल्कि पार्टी का लक्ष्य और विचारधारा सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि द्रमुक अब मुख्य विपक्षी दल के रूप में काम करेगी।
तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए अभिनेता से नेता विजय की पार्टी ‘तमिझगा वेत्री कड़गम’ (टीवीके) 2026 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था जबकि मतगणना चार मई को हुई।
भाषा
प्रचेता वैभव
वैभव

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