पवन खेड़ा के भागने का खतरा नहीं: वकील ने अग्रिम जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में कहा

पवन खेड़ा के भागने का खतरा नहीं: वकील ने अग्रिम जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में कहा

पवन खेड़ा के भागने का खतरा नहीं: वकील ने अग्रिम जमानत याचिका पर उच्च न्यायालय में कहा
Modified Date: April 21, 2026 / 03:43 pm IST
Published Date: April 21, 2026 3:43 pm IST

गुवाहाटी, 21 अप्रैल (भाषा) पवन खेड़ा के वकील ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय में दलील दी कि कांग्रेस नेता के भागने का कोई खतरा नहीं है और उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है।

अदालत ने मंगलवार को कांग्रेस नेता खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी ने खेड़ा के इस आरोप को लेकर दर्ज कराई थी कि उनके पास कई पासपोर्ट हैं।

न्यायमूर्ति पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों को तीन घंटे से ज़्यादा समय तक सुनने के बाद आखिरी आदेश सुरक्षित रख लिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंस से खेड़ा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तर्क दिया कि कांग्रेस नेता के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की टिप्पणी, खासकर राज्य में विधानसभा चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक बदले की भावना की ओर इशारा करती है।

असम के महाधिवक्ता देवजीत लोन सैकिया ने खेड़ा को कोई भी राहत देने का विरोध करते हुए कहा कि यह कोई साधारण मानहानि का मामला नहीं है, क्योंकि यह मामला दस्तावेजों की जालसाजी से जुड़ा है।

सैकिया ने बताया कि मुख्य अपराध धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े हैं। उन्होंने तर्क दिया कि खेड़ा अंतरिम सुरक्षा के हकदार नहीं हैं क्योंकि उनके ‘‘भागने का खतरा’’ है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने सोमवार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अर्जी देकर मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज मामले के सिलसिले में अग्रिम जमानत का अनुरोध किया था। शर्मा ने आरोप लगाया था कि उनके पास कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं।

उन्होंने गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में खेड़ा और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज कराए हैं।

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पहले खेड़ा को सात दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने आदेश पर रोक लगा दी।

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश


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