पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: सीबीआई आरोपियों को बरी करने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी

पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: सीबीआई आरोपियों को बरी करने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी

पवनराजे निंबालकर हत्याकांड: सीबीआई आरोपियों को बरी करने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी
Modified Date: June 20, 2026 / 03:35 pm IST
Published Date: June 20, 2026 3:35 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री पद्मसिंह पाटिल और सात अन्य लोगों को राज्य के कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर व उनके चालक की हत्या के मामले में बरी किए जाने के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) बंबई उच्च न्यायालय का रुख करेगा। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

मुंबई की एक विशेष अदालत ने शनिवार को पाटिल और अन्य लोगों को इस मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने कहा कि आरोपी से सरकारी गवाह बने व्यक्ति की गवाही से घटनाक्रम साबित नहीं हुआ।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सीबीआई ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बहुत पुख्ता सबूत पेश किए थे, इसलिए सीबीआई विशेष अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी।’’

निंबालकर और उनके चालक की तीन जून, 2006 को नवी मुंबई में दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी।

उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। एजेंसी ने 20 अगस्त, 2009 को आरोपपत्र दाखिल किया और बाद में एक अनुपूरक आरोपपत्र भी दायर किया था।

वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि फैसले के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उन्होंने खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की।

शिंदे ने बताया कि चर्चा के बाद शाह ने सीबीआई को इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का निर्देश दिया जिसके अनुरूप जांच एजेंसी कार्रवाई करेगी।

शाह, फडणवीस और शिंदे ने शनिवार को कोल्हापुर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पवनराजे निंबालकर, शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर के पिता थे। शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने पहले दावा किया था कि ओमप्रकाश को उनके पिता की हत्या के मामले में उनके पक्ष में फैसला सुनाने का वादा किया जा रहा था। इस मामले में फैसला 16 जून को आना था, लेकिन मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाने की तारीख 20 जून तक टाल दी।

भाषा

संतोष पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में