पवार ने भाजपा पर विपक्ष शासित राज्यों की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाया

पवार ने भाजपा पर विपक्ष शासित राज्यों की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाया

पवार ने भाजपा पर विपक्ष शासित राज्यों की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाया
Modified Date: August 17, 2023 / 06:48 pm IST
Published Date: August 17, 2023 6:48 pm IST

बीड (महाराष्ट्र), 17 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विपक्ष शासित राज्यों की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि मौजूदा शासकों की नीति जाति, धर्म और भाषा के आधार पर समाज की खाई को चौड़ा करना है।

पवार महाराष्ट्र के बीड कस्बे में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित कर रहे थे। पवार ने मणिपुर में जातीय हिंसा को लेकर भी केंद्र पर हमला बोला।

बीड बागी राकांपा नेता और कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे का गृह जिला है।

पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मणिपुर जा कर वहां के लोगों की पीड़ा को जानना चाहिए था।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मौजूदा शासकों की नीति जाति, धर्म और भाषा को आधार बना कर समाज में खाई को चौड़ा करना है।’’

पवार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह एक ओर स्थिर सरकार देने की बात करती है, लेकिन राज्यों में विधिवत निर्वाचित सरकारों को गिरा देती है। उन्होंने कहा, “आप स्थिर सरकार देने की बात करते हैं लेकिन राज्यों में विधिवत निर्वाचित सरकारों को गिरा देते हैं।”

राज्यसभा सदस्य पवार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में ‘‘पुन: वापस आने’’ की बात कर प्रधानमंत्री मोदी अपनी पार्टी के सहयोगी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के नक्शेकदम पर चल रहे हैं

राकांपा प्रमुख ने चुटकी लेते हुए कहा, “फडणवीस (2019 विधानसभा चुनाव के बाद) मुख्यमंत्री के रूप में नहीं लौटे, बल्कि निचले पद पर आए। कोई सोच सकता है कि वह (मोदी) किस पद पर लौटेंगे।’’

मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान कहा था कि वह अगले साल भी 15 अगस्त को राष्ट्र को संबोधित करने के लिए लाल किले पर आएंगे। इसका निहितार्थ है कि भाजपा नीत राजग गठबंधन को 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत मिलेगी।

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री पवार ने बढ़ती मुद्रास्फीति का जिक्र करते हुए कहा कि उर्वरकों की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन सरकार को किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर कोई चिंता नहीं है।

भाषा अविनाश माधव

माधव


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