पीडीपी प्रमुख ने अलगाववादी आसिया अंद्राबी को दी गई उम्रकैद की सजा पर पुनर्विचार की मांग की

पीडीपी प्रमुख ने अलगाववादी आसिया अंद्राबी को दी गई उम्रकैद की सजा पर पुनर्विचार की मांग की

पीडीपी प्रमुख ने अलगाववादी आसिया अंद्राबी को दी गई उम्रकैद की सजा पर पुनर्विचार की मांग की
Modified Date: March 25, 2026 / 06:24 pm IST
Published Date: March 25, 2026 6:24 pm IST

श्रीनगर, 25 मार्च (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को अलगाववादी आसिया अंद्राबी की आजीवन कारावास की सजा की समीक्षा करने और इसे पहले की तरह 14 साल की सजा में बदलने की मांग की।

मुफ्ती ने यहां पत्रकारों से कहा, “पूरे देश में (अंतिम सांस तक) आजीवन कारावास की सजा को समाप्त किया जाना चाहिए। इसे पहले की तरह 14 साल कर दिया जाना चाहिए।’’

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को कट्टरपंथी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा कि दुख्तरान-ए-मिल्लत प्रमुख के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी कश्मीर को अलग करने के उनके प्रयासों को और भी बल देगी।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने मानवीय आधार पर अंद्राबी को दी गई आजीवन कारावास की सजा पर पुनर्विचार करने की अपील की।

मुफ्ती ने कहा, “उनकी (आसिया अंद्राबी) विचारधारा और कार्यशैली से हमारे मतभेद हैं, लेकिन मानवता की मांग है कि चूंकि वह एक बुजुर्ग महिला हैं और कई साल जेल में बिता चुकी हैं इसलिए उनकी सजा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।”

पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि अंद्राबी को पैरोल पर रिहा किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मैं अपील करती हूं कि इस (सजा) पर पुनर्विचार किया जाए। भारत सरकार पहले ही कई लोगों को पैरोल पर रिहा कर चुकी है। उन्हें भी सशर्त ही सही, पैरोल पर रिहा किया जाना चाहिए और मानवीय आधार पर उनकी दोषसिद्धि की समीक्षा की जानी चाहिए।”

भाषा जितेंद्र सुरेश

सुरेश


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