मूकदर्शक नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास में भागीदार बन सकती है जनता: केरल के राज्यपाल

मूकदर्शक नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास में भागीदार बन सकती है जनता: केरल के राज्यपाल

मूकदर्शक नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास में भागीदार बन सकती है जनता: केरल के राज्यपाल
Modified Date: November 1, 2025 / 05:42 pm IST
Published Date: November 1, 2025 5:42 pm IST

तिरुवनंतपुरम, एक नवंबर (भाषा) केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शनिवार को कहा कि सभी को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा और जनता देश के विकास में ‘‘मूकदर्शक’’ नहीं रह सकती।

अर्लेकर ने केरल के स्थापना दिवस समारोह के दौरान राजभवन में यह बयान दिया।

राजभवन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यपाल ने 1947-51 तक केंद्र सरकार के राज्य संबंधी मंत्रालय में सचिव रहे वी.पी. मेनन और तत्कालीन उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में निभाई गई भूमिका को भी याद किया।

अर्लेकर ने कहा कि रियासतों के महाराजाओं के साथ संवाद करने और उन्हें राष्ट्रवादी दृष्टिकोण की ओर मोड़ने में केरल के रहने वाले मेनन द्वारा निभाई गई भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।

विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा, “सभी को राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनना होगा। सरकार अपना काम कर रही है लेकिन लोग राष्ट्र के विकास में मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकते।”

उन्होंने यह भी कहा कि केरल ने हमेशा सही दृष्टिकोण, मूल्यों और संस्कृति के साथ राष्ट्र का मार्गदर्शन किया, जिसने राष्ट्र की दिशा तय की है।

अर्लेकर ने सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग विकसित केरल से होकर गुजरता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे इस दक्षिणी राज्य के लोग ‘‘किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहे हैं और उन्होंने जीवन के सभी क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान किया है’’।

विज्ञप्ति के मुताबिक, समारोह के दौरान केरल कलामंडलम के कलाकार विद्यार्थियों द्वारा एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राजभवन के कर्मचारी भी शामिल हुए।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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