राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लोगों का प्रदर्शन

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लोगों का प्रदर्शन

राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लोगों का प्रदर्शन
Modified Date: July 1, 2026 / 10:40 pm IST
Published Date: July 1, 2026 10:40 pm IST

जयपुर, एक जुलाई (भाषा) राजस्थान में 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को जयपुर में प्रदर्शन कर रहे घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के पुलिस पर पथराव करने से यह प्रदर्शन हिंसक हो गया।

प्रदर्शनकारी 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित ‘महापंचायत’ में शामिल होने के लिए विद्याधर नगर स्टेडियम में एकत्रित हुए थे। शाम को महापंचायत समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की घोषणा की।

पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था करते हुए मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव हो गया।

इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

पथराव की घटना में कुछ पुलिसकर्मियों सहित करीब 12 व्यक्ति लोग घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और बाद में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। हिंसा के सिलसिले में कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर कमजोर और वंचित वर्गों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

जूली ने कहा, ‘‘विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजाति समुदाय के सदस्यों पर, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लाठीचार्ज, आंसू गैस और बल प्रयोग किया जाना बेहद निंदनीय है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब सरकार की हर समस्या का जवाब केवल लाठीचार्ज, आंसू गैस और दमन तक सीमित दिखाई देता है। संवाद और समाधान के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।’’

जूली ने मांग की कि राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजाति समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल वार्ता शुरू करे और उनकी समस्याओं का समाधान निकाले।

भाषा बाकोलिया अमित

अमित


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