बाल शिक्षा से जुड़े व्यक्ति ने बंद पड़ी कोयला खदानों में बालश्रम का मुद्दा उठाया

बाल शिक्षा से जुड़े व्यक्ति ने बंद पड़ी कोयला खदानों में बालश्रम का मुद्दा उठाया

बाल शिक्षा से जुड़े व्यक्ति ने बंद पड़ी कोयला खदानों में बालश्रम का मुद्दा उठाया
Modified Date: June 13, 2026 / 03:57 pm IST
Published Date: June 13, 2026 3:57 pm IST

धनबाद, 13 जून (भाषा) झारखंड के धनबाद में कोयला बीनने वालों के बच्चों की शिक्षा के लिए जुटे एक व्यक्ति ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को पत्र लिखकर खतरनाक और बंद पड़ी खदानों में कोयला बीनने के काम में नाबालिगों के शामिल होने की ओर ध्यान दिलाया है, तथा उनसे इस प्रथा को खत्म करने के लिए एक मास्टर प्लान बनाने की मांग की है।

ट्यूटर पिनाकी रॉय धनबाद के झरिया में पांच केंद्रों पर ‘कोलफील्ड चिल्ड्रन क्लासेस’ चलाते हैं, जहां वह कोयला बीनने वालों के 100 से अधिक बच्चों को पढ़ाते हैं।

विश्व बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर शुक्रवार को केंद्रीय कोयला और खान मंत्री को भेजे गए पत्र में रॉय ने कहा, ‘‘आठ साल के अपने अनुभव के आधार पर हमें लगता है कि हमारे देश को बाल श्रम को खत्म करने के लिए एक मास्टर प्लान अपनाना चाहिए, क्योंकि अकेले झरिया के कोयला क्षेत्र में ही ऐसे बच्चों की संख्या बहुत ज़्यादा है।’’

पत्र में कहा गया है, ‘‘जिन हज़ारों बच्चों को कोयला चोर कहा जाता है, वे गरीबी के कारण गैर-कानूनी तरीके से कोयला बीनते हुए देखे जाते हैं।’’

रॉय ने सुझाव दिया कि कोयला बीनने वालों के बच्चों की असल संख्या जानने का ‘यह सही समय है’, खासकर इसलिए क्योंकि अभी जनगणना हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोयला बीनने वालों के बच्चों की असल संख्या जानना और उनके पुनर्वास के लिए एक मास्टर प्लान अपनाना सही रहेगा, जैसा कि कोयला मंत्रालय ने पहले ही बंद पड़ी कोयला खदानों वाले इलाकों में ज़मीन धंसने से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 2025 के संशोधित झरिया मास्टर प्लान के रूप में किया है।’’

भाषा

राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल


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