कोटा में प्रसव के बाद मौतों के कारण फार्मा वितरक का लाइसेंस रद्द, डब्ल्यूएचओ ने मांगी जानकारी

कोटा में प्रसव के बाद मौतों के कारण फार्मा वितरक का लाइसेंस रद्द, डब्ल्यूएचओ ने मांगी जानकारी

कोटा में प्रसव के बाद मौतों के कारण फार्मा वितरक का लाइसेंस रद्द, डब्ल्यूएचओ ने मांगी जानकारी
Modified Date: June 26, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: June 26, 2026 7:38 pm IST

नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार से कोटा के सरकारी अस्पतालों में एक फार्मा वितरक द्वारा कथित तौर पर नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की आपूर्ति के मामले में जानकारी मांगी है। इस इंजेक्शन के कारण मई में ‘सिजेरियन डिलीवरी’ के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई थी।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और संबंधित राज्यों के औषधि नियामकों की संयुक्त जांच के बाद पंजाब और हिमाचल प्रदेश में ‘जैक्सन लैबोरेटरीज’ की इकाइयों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए।

सरकार का यह कदम कोटा के कुछ अस्पतालों में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत और संक्रमण की खबरों की जांच के बीच उठाया गया है। इन मौतों का संबंध कंपनी द्वारा बनाए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से जोड़ा गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि डब्ल्यूओचओ द्वारा जानकारी मांगना एक नियमित प्रक्रिया है और इसे उत्पाद या निर्माता के खिलाफ किसी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए राजस्थान सरकार से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।

अधिकारियों के अनुसार, सीडीएससीओ ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के औषधि नियामकों के साथ मिलकर ‘जैक्सन लेबोरेटरीज’ की निर्माण इकाइयों का विस्तृत निरीक्षण किया, ताकि ‘अच्छी उत्पादन कार्यप्रणाली’ (जीएमपी) के अनुपालन का आकलन किया जा सके।

निरीक्षण में पाई गई कमियों और संयुक्त टीम की सिफारिशों के आधार पर संबंधित राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों ने संबंधित इकाइयों के निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए।

डब्ल्यूएचओ ने कोटा में हुई मौतों और ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के बारे में सरकार से अतिरिक्त जानकारी मांगी है।

मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि डब्ल्यूएचओ का यह जानकारी मांगना वैश्विक ‘फार्माकोविजिलेंस’ (औषधि सुरक्षा निगरानी) और नियामक निगरानी प्रणाली का एक नियमित हिस्सा है।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश


लेखक के बारे में