प्रधानमंत्री में जवाबदेही को लेकर प्रतिबद्धता का अभाव: कांग्रेस

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प्रधानमंत्री में जवाबदेही को लेकर प्रतिबद्धता का अभाव: कांग्रेस

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  • Publish Date - July 24, 2026 / 10:08 AM IST,
    Updated On - July 24, 2026 / 10:08 AM IST

नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘हताश और परेशान’’ दिख रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आखिरकार वीडियो संदेश के जरिए प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन जवाबदेही के प्रति उनमें प्रतिबद्धता की कमी इस बात से स्पष्ट है कि उन्होंने छात्रों पर की गई ‘‘बर्बरता’’ का जिक्र तक नहीं किया।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के इस ‘‘दिखावे’’ के बावजूद किसी समाधान की दिशा में पहला कदम यह होना चाहिए कि ‘‘मंत्री प्रधान’’ (शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) को बर्खास्त किया जाए, छात्रों को पीटने वालों को सजा दी जाए और माफी मांगी जाए।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हताश और परेशान दिख रहे प्रधानमंत्री ने आखिरकार कल देर रात एक वीडियो संदेश के जरिए प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर अपनी दो महीने लंबी चुप्पी तोड़ी।’’

उन्होंने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि मोदी सरकार लंबे समय से इस बात से इनकार करती रही है कि नीट-यूजी 2026 की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था।

उन्होंने कहा, ‘‘मंत्री प्रधान ने जानबूझकर अपने संवाददाता सम्मेलन में ‘लीक’ शब्द का इस्तेमाल करने से इनकार किया और शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के समक्ष आधिकारिक रूप से कहा कि प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था।’’

रमेश के मुताबिक, पिछले दो महीनों में उमड़े जनाक्रोश ने ही प्रधानमंत्री को सच्चाई स्वीकार करने के लिए मजबूर किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यही वजह है कि छात्रों का मोदी सरकार पर अब कोई भरोसा नहीं रह गया है। उसने छात्रों के हितों के बजाय अपने स्वार्थपूर्ण राजनीतिक हितों को लगातार प्राथमिकता दी है।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा में व्यापक अनियमितताओं के सबूतों को जानबूझकर दबा दिया, जबकि शीर्ष रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का कुछ गिने-चुने परीक्षा केंद्रों पर असामान्य रूप से केंद्रित होना बेहद संदिग्ध था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहले संजीव मुखिया को प्रश्नपत्र लीक का सरगना बताने के बाद अब सरकार उसे निर्दोष बता रही है।

रमेश ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 2024 की रद्द की गई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) में प्रश्नपत्र लीक नहीं होने का दावा करते हुए मामला बंद करने की रिपोर्ट दाखिल की, लेकिन इसका कोई कारण नहीं बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह संकट केवल हमारी धीमी गति से चलने वाली न्यायपालिका से पैदा नहीं हुआ है, बल्कि सीबीआई की कमजोर जांच और मोदी सरकार के बेईमान राजनीतिक नेतृत्व से भी पैदा हुआ है।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की जवाबदेही को लेकर प्रतिबद्धता की कमी इस बात से स्पष्ट है कि उन्होंने 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों या उन पर पुलिस बलों द्वारा की गई बर्बरता का जिक्र तक नहीं किया।’’

मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।

उन्होंने कहा था कि नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें त्वरित अदालतों की व्यवस्था करना शामिल है।

उन्होंने यह भी कहा कि मामले में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

भाषा हक सिम्मी

सिम्मी

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