विल्लुपुरम, 24 जुलाई (भाषा) विल्लुपुरम जिले के एक गांव में ग्रामीणों के बीच दहशत का पर्याय बने उत्पाती बंदर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरे लगाए हैं।
जिंजी के पास स्थित मरुथेरी गांव के निवासियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में यह बंदर कम से कम 40 लोगों पर हमला कर चुका है।
स्थिति 21 जुलाई को उस समय गंभीर हो गई, जब जंगली बंदर ने स्कूल जा रही आठवीं कक्षा की एक छात्रा पर हमला कर दिया और उसका कान नोच लिया। वल्लम के सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा का मुंडियामपक्कम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज किया गया, जिसके बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
अधिकारियों को संदेह है कि यह बंदर, जो कथित तौर पर बच्चों को निशाना बनाता है और झुंड के बजाय अकेला घूमता है, किसी का छोड़ा हुआ पालतू बंदर, सर्कस का बंदर या मानसिक रूप से अस्थिर हो सकता है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों को उम्मीद है कि बंदर को दो दिनों के भीतर पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए वंडालूर चिड़ियाघर की बेहोश करने वाली (ट्रैंक्विलाइज़र) टीम को भी तैयार रखा गया है।
भाषा तान्या पवनेश
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