प्रधानमंत्री मोदी ने फुजैरा पर हमलों की निंदा की, कहा: यूएई के साथ खड़ा है भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने फुजैरा पर हमलों की निंदा की, कहा: यूएई के साथ खड़ा है भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने फुजैरा पर हमलों की निंदा की, कहा: यूएई के साथ खड़ा है भारत
Modified Date: May 5, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: May 5, 2026 6:58 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शहर फुजैरा पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत खाड़ी देश के साथ पूरी तरह से एकजुटता से खड़ा है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए।

मोदी ने एक दिन पहले फुजैरा के एक प्रमुख तेल उद्योग क्षेत्र पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जिसमें भारतीय घायल हो गए। संयुक्त अरब अमीरात ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।

मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘यूएई पर हुए हमलों की मैं कड़ी निंदा करता हूं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत यूएई के साथ पूरी तरह एकजुट है और सभी मुद्दों के संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है।’’

फुजैरा शहर पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।’’

इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने हमलों को ‘अस्वीकार्य’ बताया जिनमें भारतीय घायल हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम इन शत्रुता और नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान करते हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत इस स्थिति से निपटने हेतु संवाद और कूटनीति का समर्थने करता है जिससे पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।

उन्होंने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से मुक्त एवं निर्बाध नौवहन और व्यापार की भी मांग करते हैं। भारत मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तत्पर है।”

जहां एक ओर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा है, वहीं तेहरान ने अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के लगभग बीस फीसदी तेल और गैस का परिवहन होता है जो दोनों देशों के बीच वार्ता में एक प्रमुख अड़चन बना हुआ है। संघर्ष के कारण जलडमरूमध्य के इस संकरे जलमार्ग से होकर गुजरने वाले जहाजों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है और कई देशों में ऊर्जा की कमी हो गई है।

यूएई के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने ईरान से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों, तीन क्रूज मिसाइलों और चार ड्रोन को नाकाम कर दिया।

मंत्रालय ने पुष्टि की कि वह ‘‘किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और देश की सुरक्षा को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला करेगा।’’

खाड़ी देश के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि ये हमले ‘खतरनाक तनाव’ का संकेत देते हैं और अमीरात की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।

इस बीच, ईरानी मीडिया ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची विभिन्न देशों के साथ जारी तेहरान के कूटनीतिक परामर्श के तहत मंगलवार को बीजिंग का दौरा करेंगे।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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