बेंगलुरु से साइकिल से कन्याकुमारी तक जाने पर नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के भाजपा विधायक को बधाई दी

बेंगलुरु से साइकिल से कन्याकुमारी तक जाने पर नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के भाजपा विधायक को बधाई दी

बेंगलुरु से साइकिल से कन्याकुमारी तक जाने पर नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक के भाजपा विधायक को बधाई दी
Modified Date: January 1, 2026 / 10:10 pm IST
Published Date: January 1, 2026 10:10 pm IST

नयी दिल्ली, एक जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कर्नाटक के भाजपा विधायक एस सुरेश कुमार से बात की और बेंगलुरु से साइकिल से कन्याकुमारी तक जाने की उनकी उपलब्धि की प्रशंसा की।

कुमार (70) ने एक दुर्लभ तंत्रिका विकार से उबरने के बाद महज पांच दिनों में साइकिल की सवारी कर 702 किमी की दूरी तय करने की उपलब्धि हासिल की। इस तंत्रिका विकास के कारण उन्हें महीनों तक बिस्तर पर रहना पड़ा था।

मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘साइकिल चलाकर बेंगलुरु से कन्याकुमारी पहुंचने की श्री एस. सुरेश कुमार जी की उपलब्धि सराहनीय और प्रेरणादायक है। तथ्य यह है कि स्वास्थ्य संबंधी झटकों से उबरने के बाद यह किया गया था, जो उनके धैर्य और अडिग भावना को उजागर करता है। यह तंदुरूस्ती का भी अहम संदेश देता है।’’

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प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कुमार से बात की और उन्हें इस प्रयास के लिए बधाई दी।

कुमार ने भी पोस्ट किया कि साइकिल चलाकर कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर की यात्रा करने को लेकर प्रधानमंत्री ने बधाई देने के लिए उन्हें कॉल की उससे वह रोमांचित हैं।

राजाजीनगर से भाजपा विधायक कुमार ने कहा, ‘‘उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि 51 साल बाद, कन्याकुमारी के लिए यह मेरी दूसरी साइकिल यात्रा थी, वह भी एक गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के बाद।’’

भाजपा की तमिलनाडु इकाई के पूर्व प्रमुख के अन्नामलाई ने भी कुमार की उपलब्धि की सराहना की।

अन्नामलाई ने कहा,‘‘उनकी यात्रा जोरदार तरीके से याद दिलाती है कि झटके अस्थायी होते हैं। अगर हम साहस और अनुशासन को चुनते हैं तो वे स्थायी साथी हो सकते हैं।’’

अन्नामलाई ने कहा, ‘‘’राजाजीनगर पेडल पावर’ के बैनर तले युवाओं के साथ पांच दिनों तक 702 किलोमीटर की यात्रा का नेतृत्व कर उन्होंने साबित कर दिया है कि तंदुरूस्ती, लचीलापन और सार्वजनिक नेतृत्व साथ-साथ चल सकते हैं, जिससे हर भारतीय को अपनी सीमा पार करने और अपने स्वास्थ्य को पुनः प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है।’’

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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