प्रधानमंत्री मोदी के पास कांग्रेस के साथ समझौते करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण काम: मुरलीधरन

प्रधानमंत्री मोदी के पास कांग्रेस के साथ समझौते करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण काम: मुरलीधरन

प्रधानमंत्री मोदी के पास कांग्रेस के साथ समझौते करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण काम: मुरलीधरन
Modified Date: May 27, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: May 27, 2026 4:53 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 27 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता वी. मुरलीधरन ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को निशाना बनाने के लिए कांग्रेस के साथ समझौता करने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण कार्य हैं।

उन्होंने कहा कि माकपा की राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति सीमित है।

कझाकूटम विधानसभा क्षेत्र से विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधरन ने माकपा के एक दावे को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

माकपा ने दावा किया था केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवासों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी भाजपा-कांग्रेस का संयुक्त अभियान है।

भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि अगर विजयन ने कोई गलती नहीं की तो उन्हें अपने आवासों पर ईडी की छापेमारी से चिंतित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने वामपंथी दल को खत्म करने की मोदी की कोशिश को एक ‘भद्दा मजाक’ बताया।

मुरलीधरन ने कहा, “क्या आपको लगता है कि नरेन्द्र मोदी के पास केरल में वजूद रखने वाली और पश्चिम बंगाल में शायद एक सीट जीतने वाली पार्टी (माकपा) को खत्म करने के लिए कांग्रेस के साथ सौदे करने के अलावा और कोई काम नहीं है? यह कहना सरासर मजाक है कि मोदी माकपा को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “मैंने समाचार पढ़े हैं, जिनमें जिक्र किया गया है कि केरल उच्च न्यायालय ने ईडी की जांच का विरोध करने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिससे एजेंसी को अपनी जांच जारी रखने का रास्ता मिल गया है।”

भाजपा नेता ने कहा, “कानून को अपना काम करने दीजिए।”

ईडी, सीएमआरएल धन शोधन मामले में विजयन की बेटी वीना टी. के खिलाफ जारी जांच के तहत केरल में कुल 10 परिसरों पर छापेमारी कर रही है, जिनमें राज्य की राजधानी में 81 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री का किराए का घर, कन्नूर में एक स्थान और सीएमआरएल (एक निजी संस्था) के प्रमुख व्यक्तियों के आवास शामिल हैं।

मुरलीधरन ने दावा किया कि केरल सरकार और वीना ने प्रदेश, कर्नाटक और दिल्ली उच्च न्यायालयों में याचिकाएं दायर कर ईडी और मामले की जांच रोकने की कोशिश की है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम (केएसआईडीसी) ने मुकदमेबाजी के संबंध में सरकारी खजाने से लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए।

भाजपा नेता ने कहा, “इन सभी बातों से संदेह होता है कि कुछ तो गड़बड़ है।”

भाषा जितेंद्र माधव

माधव


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