राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन कर सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी
राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन कर सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी
नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 जनवरी को यहां राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का उद्घाटन कर सकते हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 14 से 17 जनवरी तक संविधान सदन के ‘सेंट्रल हॉल’ में राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के चार दिवसीय सम्मेलन (सीएसपीओसी) की मेजबानी करेंगे।
पिछले वर्ष ग्वेर्नसे में आयोजित सीएसपीओसी में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा था कि भारत में होने वाले सम्मेलन का मुख्य ध्यानाकर्षण संसदों के कामकाज में कृत्रिम मेधा (एआई) और सोशल मीडिया के उपयोग पर रहेगा।
सम्मेलन के दौरान ‘संसद में एआई: नवाचार, निगरानी और अनुकूलन में संतुलन’, ‘सोशल मीडिया और सांसदों पर इसका प्रभाव’ तथा ‘संसद सदस्यों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण’ जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा ‘मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं को बनाए रखने में अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका’ विषय पर एक विशेष पूर्ण सत्र सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण होगा।
पीठासीन अधिकारी मतदान से आगे बढ़कर संसद के प्रति जन-सामान्य की समझ बढ़ाने और नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नवोन्मेषी रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
सीएसपीओसी राष्ट्रमंडल के स्वतंत्र और संप्रभु देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1969 में कनाडा के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के तत्कालीन अध्यक्ष लुसिएन लैमोरक्स की पहल पर की गई थी।
इसका उद्देश्य संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों द्वारा निष्पक्षता व न्याय को बनाए रखना, उसे बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना है। साथ ही, संसदीय लोकतंत्र के विभिन्न स्वरूपों के बारे में ज्ञान और समझ को बढ़ाना तथा संसदीय संस्थाओं के विकास में योगदान देना भी इसका लक्ष्य है।
ग्वेर्नसे में हुई पिछली बैठक में ओम बिरला ने सीएसपीओसी को सदस्य देशों के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, संसदीय सहयोग को मजबूत करने और एक न्यायपूर्ण तथा समान भविष्य के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण मंच बताया था।
भाषा खारी नेत्रपाल
नेत्रपाल

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