PM Modi Mantri Parishad Meeting: विदेश यात्रा से लौटते ही पीएम मोदी ने बुलाई मंत्री परिषद की अहम बैठक, इन मुद्दों पर की चर्चा, विवादों में पड़ने वाले मंत्रियों को दिए सख्त निर्देश
PM Modi Cabinet Meeting: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा से लौटने के बाद गुरुवार देर रात नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
pm modi news/ image source: wikipedia
- विकसित भारत पर PM का जोर
- मंत्रियों को तेज काम के निर्देश
- प्रशासन को सरल बनाने पर फोकस
PM Modi Mantri Parishad Meeting: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा से लौटने के बाद गुरुवार देर रात नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम समीक्षा बैठक में शामिल हुए। करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक की अध्यक्षता पीएम मोदी ने की, जिसमें सरकार की योजनाओं, मंत्रालयों के प्रदर्शन और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि देश के भविष्य के लिए सरकार का ठोस संकल्प है। उन्होंने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे तेज गति और बेहतर समन्वय के साथ काम करें ताकि देश को अगले दो दशकों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
ईज ऑफ लिविंग पर दिया जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रशासन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और जनता को “ईज ऑफ लिविंग” का वास्तविक अनुभव मिलना चाहिए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हर मंत्रालय सुधारों पर फोकस करे और लंबित परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करे। बैठक में नौ मंत्रालयों की ओर से प्रेजेंटेशन दी गई, जिसमें विदेश मंत्री S. Jaishankar ने प्रधानमंत्री की हालिया विदेश यात्रा और उससे भारत को मिलने वाले रणनीतिक व आर्थिक लाभों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सूत्रों के मुताबिक कुछ कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रालयों को सुधार की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को दिए ये निर्देश
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी देने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में कई बड़े सुधार किए हैं और अब जरूरत है कि उन बदलावों को आम लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए। पीएम मोदी ने अपने सहयोगियों को सलाह दी कि वे अनावश्यक विवादों से दूर रहें और केवल विकास तथा जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब समय भविष्य की योजनाओं पर काम करने का है, न कि केवल पुराने कार्यों की समीक्षा करने का। पीएम ने कहा कि हर विभाग को 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नई सोच और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना होगा।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई, खासतौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को लेकर। सरकार ने इस बात पर चिंता जताई कि यदि क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है तो उसका असर वैश्विक तेल बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिए कि आम जनता पर आर्थिक असर कम से कम पड़े और तेल तथा ईंधन की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि भारत को वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए सभी मंत्रालयों को बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा।

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