प्रधानमंत्री के संबोधन से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ, सीईसी करें कार्रवाई: वाम दल
प्रधानमंत्री के संबोधन से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हुआ, सीईसी करें कार्रवाई: वाम दल
नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) वामपंथी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन चुनाव संबंधी आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्यसभा सांसद पी. सन्दोश कुमार ने अलग-अलग पत्रों में निर्वाचन आयोग से शिकायत की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन का इस्तेमाल उन राज्यों की जनता की राय को प्रभावित करने के लिए किया गया, जहां आने वाले दिनों में मतदान होना है।
एम. ए. बेबी ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री ने संहिता का “घोर उल्लंघन” किया है और इसके लिए दूरदर्शन का राजनीतिक भाषण के लिए “दुरुपयोग” किया गया।
उन्होंने कहा, “इस संबोधन को किसी भी तरह से सरकारी संबोधन नहीं कहा जा सकता।”
बेबी ने आरोप लगाया कि यह भाषण “स्पष्ट रूप से राजनीतिक था, जिसमें विपक्षी दलों को निशाना बनाया गया, कई दलों के नाम लिए गए और तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के मतदाताओं समेत जनता की राय को सत्तारूढ़ दल के पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश की गई।”
बेबी ने कहा कि चुनाव के दौरान सार्वजनिक प्रसारक का राजनीतिक संदेश के लिए इस्तेमाल करना असमान माहौल पैदा करता है और निष्पक्ष चुनाव की भावना कमजोर होती है।
उन्होंने आयोग से इस मामले पर संज्ञान लेने और प्रधानमंत्री तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने की मांग की।
भाकपा नेता पी. सन्दोश कुमार ने भी कहा कि यह संबोधन संहिता लागू होने के दौरान दिया गया और इसमें “राजनीतिक व पक्षपातपूर्ण बातें” थीं, जिनका उद्देश्य जनता की राय को प्रभावित करना था।
उन्होंने कहा कि दूरदर्शन और संसद टीवी जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इस तरह के राजनीतिक भाषण के लिए करना राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आयोग कार्रवाई नहीं करेगा तो इससे उसकी निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।
कुमार ने आयोग से तुरंत जांच शुरू करने और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कार्रवाई करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को अपने संबोधन में कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर महिला आरक्षण विधेयक को खारिज करने का आरोप लगाया था और इसे “पाप” बताया था।
उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार भले ही विधेयक पारित न करा पाई हो, लेकिन वह महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयास नहीं छोड़ेगी।
दरअसल महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा व विधानसभाओं में सीटें बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में खारिज हो गए थे।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश

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