प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा फलस्तीन के हितों के साथ व़िश्वासघात: माकपा

प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा फलस्तीन के हितों के साथ व़िश्वासघात: माकपा

प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा फलस्तीन के हितों के साथ व़िश्वासघात: माकपा
Modified Date: February 25, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: February 25, 2026 5:07 pm IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजराइल यात्रा का विरोध किया और आरोप लगाया कि यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब इजराइल ने “गाजा में नरसंहार करने वाला युद्ध छे़ड़ रखा है” और यह दौरा फलस्तीन से जुड़े मकसद के साथ विश्वासघात है।

पार्टी के पोलित ब्यूरो ने एक बयान में यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ‘‘हत्यारे शासन को वैध बनाएगी।’’

वामपंथी दल ने कहा, ‘‘माकपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा का कड़ा विरोध करती है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इजरायल ने गाजा में नरसंहार करने वाला युद्ध छेड़ रखा है।’’

उसका कहना है, ‘‘संघर्षविराम के बावजूद, इज़राइल द्वारा इसका रोजाना उल्लंघन किया जा रहा है…कब्जे वाले वेस्ट बैंक में, फलस्तीनियों पर हमले तेज हो गए हैं और अवैध बस्तियां बसाने में तेजी आई है।’’

माकपा ने कहा कि यात्रा का घोषित इरादा इजराइल के विस्तारवादी शासन के साथ रणनीतिक, सैन्य और आर्थिक संबंधों को गहरा करना है, लेकिन यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका इजरायल की शह पर ईरान पर सैन्य हमला करने की तैयारी कर रहा है।

उसने दावा किया कि यात्रा के माध्यम से भाजपा सरकार ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में अमेरिकी-इजराइल धुरी के प्रति अपनी ‘‘बेशर्म प्रतिबद्धता’’ को उजागर किया है।

माकपा महासचिव एम ए बेबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस यात्रा को भारत की उपनिवेशवाद विरोधी विरासत के साथ विश्वासघात बताया।

बेबी ने मंगलवार रात कहा, ‘‘फलस्तीन पर लगातार नरसंहार करने वाले हमले के बीच मोदी का इज़राइल को गले लगाना भारत की उपनिवेशवाद विरोधी विरासत और फलस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के समर्थन में हमारे दीर्घकालिक रुख के साथ विश्वासघात है।’’

भाषा हक हक माधव

माधव

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