गुरदासपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल तीन लोगों में से पुलिस ने एक को पकड़ा, एक ढेर
गुरदासपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल तीन लोगों में से पुलिस ने एक को पकड़ा, एक ढेर
चंडीगढ़, 25 फरवरी (भाषा) पंजाब के गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या में कथित तौर पर शामिल तीन लोगों में से एक को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि तीसरा आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तान स्थित अपने आका के निर्देश पर वारदात को अंजाम दिया।
पंजाब पुलिस ने तीनों आरोपियों की पहचान अदियान गांव निवासी रंजीत सिंह (19), इंदरजीत सिंह (21) और अलीनंगल गांव के दिलावर सिंह (19) के रूप में की है।
रविवार को अदियान गांव में जांच चौकी के अंदर सहायक उप-निरीक्षक गुरनाम सिंह और होम गार्ड अशोक कुमार मृत पाए गए और उनके शरीर पर गोलियों के निशान थे। यह जांच चौकी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है।
गुरदासपुर में संवाददताओं से बातचीत में डीआईजी (बॉर्डर रेंज) संदीप गोयल ने बताया कि दिलावर सिंह और रंजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था और जांच में पता चला कि वे पाकिस्तान स्थित तथा आईएसआई समर्थित आकाओं (हैंडलरों) के संपर्क में थे।
डीआईजी ने बताया कि रंजीत ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने वारदात में इस्तेमाल हथियार को बहरामपुर थाना क्षेत्र में छिपाया है। जब पुलिस टीम उसे हथियार बरामद करने के लिए ले जा रही थी, तब कोहरे के कारण गलरही गांव के पास पुलिस वाहन पलट गया, जिसका फायदा उठाकर रंजीत फरार हो गया।
आरोपी के फरार होने के बाद इलाके में रेड अलर्ट जारी किया गया।
अधिकारी ने बताया कि तड़के करीब तीन बजे गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला क्षेत्र में पुलिस टीम ने एक मोटरसाइकिल सवार को रोका, जिसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने रंजीत को गोली मार दी। उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी के हाथ में भी गोली लगी।
डीआईजी के अनुसार, दिलावर सिंह को इस काम के लिए उसके आका ने 20,000 रुपये देने का वादा किया था, जिसमें से उसे 3,000 रुपये मिल चुके थे।
रविवार सुबह करीब 8:15 बजे अदियान गांव के सरपंच कमलजीत सिंह चौकी पर पहुंचे तो उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों को मृत पाया और उनके शरीर पर गोली के घाव थे। उन्होंने पहले दोरांगला थाना प्रभारी को फोन कर बताया था कि दोनों पुलिसकर्मी फोन का जवाब नहीं दे रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, एएसआई का शव कुर्सी पर मिला, जबकि होमगार्ड चारपाई पर मृत पड़ा था।
जिस क्षेत्र में यह घटना हुई, वह सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन तस्करी और हथियार गिराए जाने के मामलों के लिए संवेदनशील माना जाता है। सोशल मीडिया पर ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच)’ नामक संगठन द्वारा जारी कथित पोस्टर भी वायरल हुए हैं, जिनमें हत्या की जिम्मेदारी ली गई है।
भाषा राखी पवनेश
पवनेश

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