मणिपुर में राजमार्गों पर जबरन वसूली रोकने के लिए फिर तैनात हो सकते हैं पुलिस कमांडो

मणिपुर में राजमार्गों पर जबरन वसूली रोकने के लिए फिर तैनात हो सकते हैं पुलिस कमांडो

मणिपुर में राजमार्गों पर जबरन वसूली रोकने के लिए फिर तैनात हो सकते हैं पुलिस कमांडो
Modified Date: August 2, 2026 / 05:48 pm IST
Published Date: August 2, 2026 5:48 pm IST

इंफाल, दो अगस्त (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने रविवार को कहा कि सरकार राजमार्गों पर होने वाली जबरन वसूली की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए राज्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर राज्य पुलिस कमांडो को फिर से तैनात करने पर विचार कर रही है।

एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कोंथौजम ने कहा, ‘पहले राजमार्गों पर ‘रोड ओपनिंग पेट्रोल’ (आरओपी) ड्यूटी के लिए राज्य पुलिस कमांडो तैनात किए जाते थे। हम उन्हें फिर से तैनात करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, राज्य बलों में कर्मियों की कमी है।’

‘आरओपी ड्यूटी’, सुरक्षा बलों की एक विशेष गश्ती व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य किसी मार्ग को आवाजाही के लिए सुरक्षित सुनिश्चित करना होता है।

मंत्री ने कहा, ‘हम आरओपी ड्यूटी के लिए कमांडो की तैनाती बहाल करने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं। अगर हम उन्हें तैनात करते हैं तो राजमार्गों पर जबरन वसूली की घटनाओं में कमी आएगी।’

गृह मंत्री की यह टिप्पणी राज्य के दो प्रमुख राजमार्गों, इंफाल से सिलचर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 37 और इंफाल से दीमापुर को जोड़ने वाले एनएच-2 पर आवश्यक वस्तुओं और ईंधन ले जाने वाले वाहनों के काफिलों को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली की बढ़ती घटनाओं के बीच आई है।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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