राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच का दायरा बढ़ाएगी, सबूतों का नये सिरे से करेगी विश्लेषण

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच का दायरा बढ़ाएगी, सबूतों का नये सिरे से करेगी विश्लेषण

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच का दायरा बढ़ाएगी, सबूतों का नये सिरे से करेगी विश्लेषण
Modified Date: August 2, 2026 / 11:13 pm IST
Published Date: August 2, 2026 11:13 pm IST

अयोध्या, दो अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए गठित दूसरी विशेष जांच टीम (एसआईटी) अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि जांच में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज के कई पहलुओं को शामिल किया जाएगा और इसमें फोरेंसिक विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) किरण एस. के नेतृत्व वाली एसआईटी अतिरिक्त दस्तावेज मांग सकती है और भक्तों के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े साक्ष्यों का नए सिरे से विश्लेषण कर सकती है।

टीम के जल्द ही अयोध्या पहुंचने की संभावना है।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद गठित एसआईटी में अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सोमेन वर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।

जांच में एक फोरेंसिक ऑडिटर और एक अन्य विशेषज्ञ को भी शामिल किया गया है।

सूत्रों ने बताया कि एसआईटी जांच के दौरान दर्ज बयानों और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ट्रस्ट के अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, टीम भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और दान संग्रह तथा गिनती से जुड़े अन्य लोगों की भी नए सिरे से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित अपराध में इनमें से किसी की भूमिका थी या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, नई एसआईटी ने पूछताछ के लिए 200 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं।

सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है।

इस मामले में प्राथमिकी लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली पहली एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी।

पुलिस ने कथित चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बयान दर्ज किए थे।

सूत्रों ने यह भी दावा किया कि जांच का दायरा बढ़ाकर मंदिर में धार्मिक समारोहों और त्यौहारों पर हुए खर्च में कथित वित्तीय अनियमितताओं को भी शामिल किया गया है।

ये जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब ट्रस्ट ने दान प्रबंधन की निगरानी बढ़ा दी है।

ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने शनिवार को कहा था कि सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। उन्होंने कहा था कि 25 जुलाई से दान प्रबंधन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की लगातार वीडियोग्राफी के माध्यम से निगरानी की जा रही है और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और आठ सदस्यीय निगरानी टीम भी तैनात की गई है।

दास ने कहा था कि मंदिर में पूजा और दर्शन सामान्य रूप से जारी हैं।

भाषा चंदन आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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