हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी
Modified Date: March 16, 2026 / 08:05 pm IST
Published Date: March 16, 2026 8:05 pm IST

चंडीगढ़, 16 मार्च (भाषा) हरियाणा में राज्यसभा की सीट के लिए मतदान सोमवार को शाम चार बजे समाप्त हो गया।

दो विधायकों वाले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने मतदान से दूरी बनाए रखी, जबकि मतदान से पहले हिमाचल प्रदेश भेजे गए कांग्रेस के विधायक सुबह नौ बजे मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद चंडीगढ़ लौट आए तथा कई अन्य प्रमुख विधायकों के साथ उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

यहां दो सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा नांदल का समर्थन कर रही है। नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे।

इस बीच, मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने संवाददाताओं से कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने दो कांग्रेस विधायकों के ‘‘मतदान की गोपनीयता के उल्लंघन’’ को लेकर निर्वाचन आयोग से शिकायत की है।

बेदी ने कहा, “कांग्रेस के दो विधायकों ने अपना मतपत्र निर्धारित तरीके से मोड़कर नहीं रखा, जिससे उनके मत की गोपनीयता भंग हुई। हमने इस संबंध में निर्वाचन आयोग से शिकायत की है।”

परिणाम देर शाम घोषित किए जा सकते हैं।

इंडियन नेशनल लोकदल ने मतदान से दूरी बनाए रखी। पार्टी नेताओं अभय सिंह चौटाला और आदित्य देवी लाल ने कहा कि यह फैसला जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

इनेलो विधायक आदित्य देवी लाल ने संवाददाताओं से कहा, “जनता भाजपा और कांग्रेस, दोनों से ही त्रस्त है।”

हरियाणा की 90-सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 48 विधायक हैं, कांग्रेस के 37, इंडियन नेशनल लोकदल के दो, जबकि तीन विधायक निर्दलीय हैं।

राज्यसभा पहुंचने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 31 मतों की आवश्यकता होगी।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी हरियाणा में राज्यसभा चुनावों के पर्यवेक्षक हैं और उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस द्वारा अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजने तथा उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के तरीके को देखकर उन्हें दुख हुआ।

संघवी ने कहा, ‘‘खबरों के माध्यम से मुझे कांग्रेस विधायकों की जो स्थिति पता चल रही है, उसे देखकर एक जन प्रतिनिधि के रूप में मुझे बहुत दुख हो रहा है। खबरों को पढ़ने से पता चलता है कि कांग्रेस विधायकों को कमरों में जिस तरह से कैद किया गया है, वह उनके अपने विधायकों के प्रति अविश्वास को दर्शाता है।’’

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री श्याम सिंह राणा समेत भाजपा के अन्य विधायक – कृष्णा गहलावत, मूल चंद शर्मा और राम कुमार गौतम ने सबसे पहले अपने मताधिकार का उपयोग किया।

कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चंद्र मोहन और निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने भी मतदान किया।

हरियाणा के मंत्री अनिल विज मतदान करने के लिए व्हीलचेयर पर पहुंचे, हाल में गिरने से उनके दोनों पैरों की हड्डी टूट गई थी।

विधायकों को बाहर भेजे जाने के मुद्दे पर विज ने कहा, “कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्हें इधर-उधर ले जाया गया।”

कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने शुक्रवार को अपने 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी स्थित रिजॉर्ट में ठहराया था। इन विधायकों को रविवार को सोलन जिले के कसौली ले जाया गया और वे सोमवार सुबह लौटे।

वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ स्थित आवास पहुंचे, जहां से मतदान करने के लिए रवाना हुए।

हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं, हालांकि पारिवारिक कारणों या स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते कुछ विधायक हिमाचल प्रदेश नहीं गए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी यहीं रुके रहे।

कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए आवश्यक संख्या बल है। हालांकि, यदि क्रॉस वोटिंग होती है तो समीकरण बदल सकते हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) सचिव एवं राज्य मामलों के सह-प्रभारी प्रफुल्ल गुडाधे ने यहां पत्रकारों से एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा नेता नांदल निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान पर उतरे और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है, जबकि भाजपा के पास यहां आवश्यक संख्या नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह सब क्या दर्शाता है? क्या यह भाजपा नहीं है जिसने अप्रत्यक्ष रूप से अपना उम्मीदवार खड़ा किया है, भले ही नांदल उनका आधिकारिक उम्मीदवार न हो? भाजपा इसी तरह की राजनीति करती है।’’

हरियाणा में भाजपा सदस्य किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होने वाला है।

भाषा खारी सुरेश

सुरेश


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