क्योंझर कंकाल प्रकरण की प्रारंभिक जांच में ‘बैंक की गलती’ का संकेत मिलता है : अधिकारी
क्योंझर कंकाल प्रकरण की प्रारंभिक जांच में ‘बैंक की गलती’ का संकेत मिलता है : अधिकारी
क्योंझर, 30 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा उसका कंकाल बैंक में ले जाकर उसकी मौत का प्रमाण पेश करने से जुड़े मामले की राज्य सरकार की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बैंक कर्मचारियों ने ‘व्यक्ति के साथ सहयोग नहीं किया’। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
ओडिशा सरकार ने बृहस्पतिवार को इस मामले की जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था जिसमें 50 वर्षीय जीतू मुंडा कंकाल को अपने कंधे पर रखकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा में ले जाते हुए दिखा था।
वीडियो वायरल होने से हंगामा मच गया जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त (आरडीसी) को इस घटना की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।
उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त संग्राम केशरी महापात्रा, क्योंझर जिले के आयुक्त विशाल सिंह और अन्य अधिकारी बृहस्पतिवार को जांच के सिलसिले में ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि महापात्रा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए बैंक अधिकारियों से पूछताछ की।
महापात्रा ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ‘‘बैंक की गलती थी’’, और इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने बैंक अधिकारियों और जीतू मुंडा से बात की। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बैंक की गलती थी। मुंडा और उनकी बहन पहले भी कई बार बैंक गए थे और पैसे निकाले थे। मुंडा अनपढ़ नहीं हैं, लेकिन उन्हें बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं है।’’
महापात्रा ने कहा, ‘‘सीसीटीवी फुटेज का ऑडियो संस्करण उपलब्ध न होने के कारण हम यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि बैंक कर्मचारियों ने उनसे वास्तव में क्या कहा। मुंडा सुबह 11:26 बजे से 11:58 बजे तक बैंक में मौजूद थे। इस दौरान वह बैंक प्रबंधक से दो बार मिले और असंतुष्ट होकर लौट गए।’’
इस बीच, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष निरंजन पटनायक के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिन में मुंडा से मुलाकात की।
बीजू जनता दल (बीजद) की एक तथ्य-अन्वेषी टीम भी बुधवार को मुंडा के घर पहुंची थी और पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा सरकार ने मुंडा को 30,000 रुपये की सहायता प्रदान की है।
मुंडा को अपनी दिवंगत बहन के बैंक खाते से भी पैसे मिल चुके हैं।
भाषा शफीक नरेश
नरेश

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