केरल विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों की गिनती की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं: निर्वाचन आयोग
केरल विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों की गिनती की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं: निर्वाचन आयोग
तिरुवनंतपुरम, एक मई (भाषा) निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि केरल में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में पड़े वोटों की गणना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। आयोग ने चार मई को मतगणना प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और मीडिया के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं।
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रतन यू. केलकर ने एक बयान में कहा कि मतगणना चार मई को सुबह आठ बजे 43 स्थानों पर स्थित 140 केंद्रों पर शुरू होगी और इस प्रक्रिया में कुल 15,465 कर्मी शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि इन कर्मियों में 140 चुनाव अधिकारी (आरओ), 1,340 सहायक चुनाव अधिकारी, 4,208 पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना सुपरवाइजर और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं।
सीईओ ने बताया कि वोटों की गिनती डाक मतपत्रों से शुरू होगी और एक चरण में अधिकतम 14 बूथों की ईवीएम की गिनती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन कक्षों में मतदान सामग्री रखी गई है, उन्हें उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में खोला जाएगा और इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।
बयान में उन्होंने कहा कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान, यदि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिये दिए गए वोटों की संख्या और बूथ पर मतदाताओं द्वारा डाले गए वोटों की संख्या में कोई विसंगति पाई जाती है, तो वीवीपीएटी पर्चियों (मतदाता सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल) की गिनती की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि वीवीपीएटी पर्चियों पर उम्मीदवार का क्रमांक, नाम और चिह्न अंकित होगा।
ईवीएम में डाले गए वोटों की संख्या सत्यापित करने के बाद, इसका मिलान फॉर्म 17सी भाग एक में दी गई जानकारी से किया जाएगा, जिसमें मतदान केंद्र पर दर्ज वोटों का विवरण होता है।
केलकर ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक चरण में दो ईवीएम पर्यवेक्षक औचक मतगणना करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के पांच बूथों के वीवीपीएटी की अनिवार्य रूप से गिनती की जाएगी।
केलकर ने राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों को भी निर्देश जारी किए, जिनमें हर समय अपना आधिकारिक पहचान पत्र साथ रखना और दिखाना, समय पर केंद्र पर पहुंचना, अधिकारियों के साथ सहयोग करना, अपने निर्धारित स्थानों पर बैठना और मतगणना प्रक्रिया की गोपनीयता बनाए रखना शामिल है।
भाषा संतोष सुरेश
सुरेश

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