पहलगाम जैसे आतंकी हमले को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उमर अब्दुल्ला

पहलगाम जैसे आतंकी हमले को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उमर अब्दुल्ला

पहलगाम जैसे आतंकी हमले को रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : उमर अब्दुल्ला
Modified Date: April 22, 2026 / 05:01 pm IST
Published Date: April 22, 2026 5:01 pm IST

उधमपुर (जम्मू कश्मीर), 22 अप्रैल (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि पहलगाम जैसी त्रासदी की पुनरावृत्ति को रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर पाकिस्तान इस तरह की कार्रवाई करने की कोशिश भी करता है, तो हम उसे सफल नहीं होने देंगे।

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर, अब्दुल्ला ने क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू कश्मीर सरकार, केंद्र और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया।

पिछले साल 22 अप्रैल को हुए इस हमले में एक पोनीवाला और 25 पर्यटक मारे गए थे।

अब्दुल्ला ने कहा कि इस दिन का जम्मू कश्मीर के लोगों के मन पर आज भी गहरा प्रभाव है।

मुख्यमंत्री ने एक हालिया बस दुर्घटना में घायल हुए लोगों से सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मुलाकात के बाद कहा, ‘‘हम आतंकवाद की इस संवेदनहीन घटना में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। वे केवल छुट्टियां मनाने आए थे, फिर भी उन्हें बेरहमी से निशाना बनाया गया और मार डाला गया। आज भी हम उनके शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उस दिन (22 अप्रैल 2025) हमने संकल्प लिया था – और हम इस पर कायम हैं – कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि इस तरह की (पहलगाम जैसी) घटना दोबारा कभी न हो। चाहे वह जम्मू कश्मीर सरकार हो, केंद्र हो या कानून व्यवस्था तंत्र, हम सभी इस प्रयास को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।’’

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में आए किसी भी बदलाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसे आकलन खुफिया रिपोर्ट तक पहुंच रखने वालों पर छोड़ देना ही बेहतर है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं केवल इतना ही कह सकता हूं कि हम हर संभव प्रयास करेंगे कि यदि पाकिस्तान ऐसी कार्रवाई करने का इरादा भी रखता है, तो हम उसे सफल नहीं होने देंगे। यही हमारी प्राथमिकता रहेगी।’’

पहलगाम आतंकी हमले के पर्यटन पर प्रभाव के बारे में उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘रिपोर्ट कार्ड देना आपका काम है। हमारा काम प्रयास करना है। हमारा मुख्य उद्देश्य सामान्य स्थिति बनाए रखना है।’’

उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले साल की तुलना में, इस हमले का कुछ प्रभाव अब भी है, लेकिन समय के साथ स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि वैष्णो देवी मंदिर में दर्शन के लिए, अमरनाथ यात्रा के लिए या सामान्य पर्यटन के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक जम्मू कश्मीर आएंगे।’’

वार्षिक अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी और 28 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन संपन्न होगी।

अब्दुल्ला ने उधमपुर में हुए सड़क हादसे पर कहा कि प्रारंभिक जांच में बस मालिक की लापरवाही सामने आई है और उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बीस अप्रैल को उधमपुर जिले के रामनगर इलाके में एक खचाखच भरी बस पहाड़ी से करीब 100 मीटर नीचे गिर गई, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 51 अन्य घायल हो गए।

स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू और परिवहन मंत्री सतीश शर्मा के साथ अब्दुल्ला ने उधमपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा किया तथा सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की।

उन्होंने उनके परिजनों से बातचीत की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निरंतर निगरानी के साथ सर्वोत्तम संभव चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित करें।

संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हादसा बस मालिक की लापरवाही के कारण हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो व्यक्ति बस चला रहा था, वह नियमित चालक नहीं था। असली चालक छुट्टी पर था। मालिक ने बस की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंप दी थी जो हाल-फिलहाल तक ट्रक चला रहा था। हम यह नहीं कह सकते कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती। जब हमने इस बस के रिकॉर्ड की समीक्षा की, तो पता चला कि इसे पहले ही 15 से अधिक चालान जारी किये गए थे।’’

उन्होंने बताया कि उधमपुर के उपायुक्त मिंगा शेरपा ने जांच के आदेश दिए हैं और एक वरिष्ठ अधिकारी इस घटना की जांच कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जांच पूरी होने दीजिए। अधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद, उसमें जो भी सिफारिशें होंगी, उन्हें लागू किया जाएगा।’’

भाषा सुभाष माधव

माधव


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