नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार से शुरू होने वाली चार-दिवसीय विदेश यात्रा के पहले चरण में उज्बेकिस्तान जाएंगे, जहां वह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत करेंगे।
इसके बाद वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान जाएंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यात्रा के पहले चरण में मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान का दौरा करेंगे, जहां वह विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान से किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे, जहां वह एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है।
इसने कहा कि एससीओ सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी शिखर बैठक को संबोधित करेंगे, जहां वह सुरक्षा, संपर्क और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उन नेताओं में शामिल हैं, जिनके शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है।
इस वर्ष एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी है। भारत वर्ष 2017 से संगठन का पूर्ण सदस्य है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहां वह इस मंच पर सुरक्षा, संपर्क और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।”
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने प्रेस वार्ता में कहा कि एससीओ की स्थापना मुख्य रूप से आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद का मुकाबला करने के उद्देश्य से की गई थी, जो अब भी एक चुनौती बने हुए हैं।
मोदी शिखर सम्मेलन से इतर एससीओ के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। ऐसी जानकारी है कि पुतिन उन नेताओं में शामिल होंगे, जिनके साथ प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के दौरान अलग से द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
प्रधानमंत्री छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे, जो मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है।
प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना होगा।
जॉर्ज ने कहा, ‘‘उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री 29 और 30 अगस्त को ताशकंद की राजकीय यात्रा करेंगे। यह प्रधानमंत्री की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल संपर्क, ऊर्जा, शिक्षा तथा लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे।
इसने कहा कि मोदी और मिर्जियोयेव विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान-2030 के साझा विकास संबंधी दृष्टिकोणों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
प्रधानमंत्री के ताशकंद स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और ‘ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज’ के महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करने की भी उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ताशकंद से, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर झापारोव के निमंत्रण पर, प्रधानमंत्री बिश्केक जाएंगे।’’
भाषा देवेंद्र सुरेश
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