प्रधानमंत्री का बोडो स्कार्फ ‘अरोनई’ पहनना समुदाय की समृद्ध विरासत को दर्शाता है : हिमंत

प्रधानमंत्री का बोडो स्कार्फ 'अरोनई' पहनना समुदाय की समृद्ध विरासत को दर्शाता है : हिमंत

प्रधानमंत्री का बोडो स्कार्फ ‘अरोनई’ पहनना समुदाय की समृद्ध विरासत को दर्शाता है : हिमंत
Modified Date: May 17, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: May 17, 2026 5:06 pm IST

गुवाहाटी, 17 मई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि नीदरलैंड में एक आधिकारिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पारंपरिक बोडो स्कार्फ ‘अरोनई’ पहनना समुदाय की समृद्ध हथकरघा विरासत का प्रमाण है।

उन्होंने राज्य के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) में शांति और प्रगति लाने के लिए मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अरोनई असम के बोडो समुदाय के गौरव और समृद्ध हथकरघा विरासत को दर्शाता है। आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी को नीदरलैंड में वैश्विक मंच पर इसे गरिमा के साथ धारण करते देख गर्व महसूस हो रहा है।”

हेग में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते समय मोदी ने अपने गले में अरोनई (एक प्रकार का आभूषण) पहना था। वे यूरोप के चार देशों के दौरे के तहत दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को नीदरलैंड पहुंचे थे।

शर्मा ने कहा, ‘बोडोलैंड में शांति और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए हमारे प्रिय प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञ हूं।’

मुख्यमंत्री 2020 के बोडो शांति समझौते का जिक्र कर रहे थे, जिसने बीटीआर (बोडोलैंड) का प्रशासन करने वाली स्वायत्त परिषद की शक्ति और कार्यक्षेत्र को बढ़ाया और क्षेत्र में दशकों पुरानी उग्रवाद की समस्या को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया।

भाषा राखी दिलीप

दिलीप


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