जेल और सुधारात्मक सेवा विधेयक का उद्देश्य जेलों का कायापलट करना: पंजाब मंत्री

जेल और सुधारात्मक सेवा विधेयक का उद्देश्य जेलों का कायापलट करना: पंजाब मंत्री

जेल और सुधारात्मक सेवा विधेयक का उद्देश्य जेलों का कायापलट करना: पंजाब मंत्री
Modified Date: May 2, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: May 2, 2026 8:06 pm IST

चंडीगढ़, दो मई (भाषा) पंजाब के जेल मंत्री रवजोत सिंह ने कहा कि शुक्रवार को राज्य विधानसभा द्वारा पारित पंजाब कारागार एवं सुधार सेवा विधेयक, 2026 कारागारों को मात्र कैदखाने से बदलकर सुधार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण के केंद्र बनाने पर केंद्रित है।

सिंह ने शनिवार को कहा कि इस विधेयक में कैदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने तथा सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए कई प्रावधान शामिल किए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कारागारों में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह विधेयक कारागारों में आधुनिक प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित करता है, जिसमें ई-कारागार प्रणाली, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, बायोमेट्रिक पहचान, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एआई-आधारित सीसीटीवी निगरानी, ​​आरएफआईडी ट्रैकिंग और ड्रोन-रोधी प्रणाली शामिल हैं, जिससे कारागार प्रशासन में पारदर्शिता एवं दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।”

उन्होंने सुरक्षा उन्नयन के बारे में विस्तार से बताते हुए जानकारी दी कि अन्य कैदियों पर नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए उच्च जोखिम वाले कैदियों के लिए उच्च सुरक्षा क्षेत्र बनाए जाएंगे और जेल की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक समर्पित अनुसंधान, विश्लेषण एवं खुफिया (आरएआई) शाखा स्थापित की जाएगी।

सिंह ने कहा, “विधेयक में आयु, लिंग, आपराधिक पृष्ठभूमि, स्वास्थ्य और व्यवहार के आधार पर कैदियों के वैज्ञानिक वर्गीकरण का प्रावधान है, जिसमें महिलाओं, ट्रांसजेंडरों, बुजुर्गों और बीमार कैदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं शामिल हैं, जैसे कि अलग आवास, महिला कर्मचारियों की तैनाती और गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए पर्याप्त सुविधाएं।”

मंत्री ने कहा कि जेलों के अंदर किए गए अपराधों के लिए सख्त दंड निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि भागने का प्रयास, अधिकारियों को धमकी देना या प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी करना गंभीर अपराध माना जाएगा और उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

सिंह ने बताया कि पंजाब में वर्तमान में 25 कारागार हैं, जिनमें 10 केंद्रीय, छह जिला, चार विशेष, पांच उप-जेल, नाभा में एक खुली जेल और लुधियाना में निर्माणाधीन एक उच्च सुरक्षा जेल शामिल हैं।

मंत्री ने कारागारों में कैदियों की अत्यधिक संख्या के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए कहा कि 26,000 की क्षमता के बावजूद लगभग 34,000 कैदी हैं।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


लेखक के बारे में