गुजरात के सरकारी अस्पतालों में निजी चिकित्सक भी इलाज कर सकेंगे, इस संबंध में नीति जल्द

गुजरात के सरकारी अस्पतालों में निजी चिकित्सक भी इलाज कर सकेंगे, इस संबंध में नीति जल्द

गुजरात के सरकारी अस्पतालों में निजी चिकित्सक भी इलाज कर सकेंगे,  इस संबंध में नीति जल्द
Modified Date: November 29, 2022 / 08:57 pm IST
Published Date: March 9, 2021 12:51 pm IST

गांधीनगर, नौ मार्च (भाषा) स्वास्थ्य विशेषज्ञों की कमी से निपटने के लिए गुजरात सरकार जल्दी ही एक नीति लाएगी जिससे सरकारी अस्पतालों में निजी चिकित्सक भी मरीजों का इलाज कर सकेंगे।

विधानसभा में सरकारी अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री का प्रभार भी देख रहे पटेल ने सदन में कहा कि दिसंबर 2020 तक विभिन्न सरकारी अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञों के 58 पदों को भरा जाना था।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर डॉक्टर डिग्री लेने के बाद बॉड की समय सीमा पूरे होने तक सरकारी अस्पतालों में काम करते हैं और फिर निजी प्रैक्टिस करते हैं।

पटेल ने कहा कि डॉक्टरों की अनुपलब्धता का मुख्य कारण यह था कि पहले गुजरात में एमबीबीएस की सीटें कम थीं।

उन्होंने कहा, “लेकिन अब गुजरात में चिकित्सा की 5,500 सीटें हैं। मुझे विश्वास है कि भविष्य में हमें और डॉक्टर मिलेंगे।”

पटेल ने कहा कि अभी तक सरकारी अस्पतालों में निजी चिकित्सकों को मानद सेवाएं देने की इजाजत नहीं है। यह रोक हटेगी। अब हमने प्रसिद्ध निजी चिकित्सकों की सेवाएं लेने का फैसला किया है। राज्य सरकार इस संबंध में जल्द ही एक नीति लाएगी।

उन्होंने कहा कि कई नजी चिकित्सक समाज सेवा करना चाहते हैं। नई नीति के तहत वे सरकारी अस्पतालों में मरीजों का उपचार कर सकेंगे और मेडिकल छात्रों को पढ़ा सकेंगे।

भाषा यश पवनेश

पवनेश


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