शहरों में निजी अस्पताल के कमरे का खर्च तीन-सितारा होटल के कमरे से अधिक नहीं होना चाहिए: संसदीय समिति

शहरों में निजी अस्पताल के कमरे का खर्च तीन-सितारा होटल के कमरे से अधिक नहीं होना चाहिए: संसदीय समिति

शहरों में निजी अस्पताल के कमरे का खर्च तीन-सितारा होटल के कमरे से अधिक नहीं होना चाहिए: संसदीय समिति
Modified Date: August 12, 2026 / 01:18 pm IST
Published Date: August 12, 2026 1:18 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) संसद की एक समिति ने सिफारिश की है कि बड़े शहरों में निजी अस्पतालों के कमरे का किराया, आस-पास के तीन-सितारा होटल के कमरे के औसत किराए से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह सुझाव स्वास्थ्य सुविधाओं को सस्ता बनाने और लोगों के जेब खर्च को कम करने के उपायों के तहत दिया गया है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर संसदीय स्थायी समिति की 176वीं रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ‘‘सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की किफायत और सुलभता’’ है, में कहा गया है कि निजी अस्पतालों में, खासकर बड़े शहरों में, कमरे के किराए को ‘‘तत्काल आधार पर’’ तर्कसंगत बनाने की जरूरत है।

यह रिपोर्ट गत सात अगस्त को राज्यसभा में पेश की गई और लोकसभा में पटल पर रखी गई।

रिपोर्ट के अनुसार समिति ने बड़े शहरों में सभी निजी अस्पतालों के लिए थ्री-स्टार होटल के किराए को मानक के तौर पर अनिवार्य करने का सुझाव दिया। इसमें कहा गया है कि सामान्य कमरे के किराए में रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग, डिस्पोजेबल सामान, खाने और लॉन्ड्री का खर्च जोड़ा जा सकता है।

उसने यह भी सिफारिश की कि सरकार सभी टर्शियरी केयर हॉस्पिटल (उच्च-स्तरीय चिकित्सा संस्थान) के लिए यह अनिवार्य करे कि वे किसी भी जटिल या लंबे इलाज को शुरू करने से पहले मरीजों को इलाज के कुल खर्च का पूरा और कानूनी रूप से बाध्यकारी अनुमान पहले ही दें।

समिति ने कहा कि अस्पताल को मरीजों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च, उपलब्ध चैरिटी सहायता और स्वास्थ्य बीमा की सीमाओं को समझने में मदद करने के लिए खास तौर पर वित्तीय सहायक तैनात करने चाहिए।

इस बात पर समिति ने गौर किया कि निजी स्वास्थ्य सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय परिवारों को भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है, और अस्पताल में भर्ती होने पर हर बार औसतन 34,064 रुपये का खर्च अपनी जेब से करना पड़ता है।

उसने चिकित्सा सुविधाओं की 10-13 प्रतिशत महंगाई और कमरे की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग बिलिंग के तरीकों की ओर भी इशारा किया।

समिति ने निजी अस्पतालों में मानक प्रक्रियाओं के लिए कमरे के किराए से जुड़े महंगाई के मॉडल को खत्म करने और मनमाने ढंग से कीमतों में बदलाव को रोकने के लिए उपचार के मानक नियम और तरीके लागू करने का सुझाव दिया।

भाषा वैभव मनीषा

मनीषा


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