चेन्नई, 20 अगस्त (भाषा) पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एकीकृत सतही जल प्रणाली विकसित करने में बृहस्पतिवार को केंद्र और पड़ोसी राज्यों, खासकर तमिलनाडु से सहयोग मांगा।
कैलाशनाथन ने यहां 31वीं दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के लिए जल सुरक्षा, खासकर पेयजल की उपलब्धता प्रमुख चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि पुडुचेरी के पास अपना कोई सतही जल स्रोत नहीं है और वह अपनी पूरी जल जरूरत भूजल स्रोतों से पूरी करता है।
कुछ क्षेत्रों में पानी में घुले हुए ठोस पदार्थ (टीडीएस) का स्तर 3,000 से अधिक है, जबकि लोहे और नाइट्रेट की मात्रा भी काफी अधिक है।
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘पुडुचेरी सरकार का लक्ष्य ऐसी एकीकृत जल संसाधन प्रणाली विकसित करना है, जिससे पूरे साल जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।’’
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से तमिलनाडु, का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
कैलाशनाथन के भाषण की एक प्रति उनके कार्यालय ने यहां मीडिया को उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि सांकराबरानी और थेनपेन्नई नदियों को प्रस्तावित गोदावरी लिंक परियोजना से जोड़ना बैठक में उठाए गए चार महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक था।
उन्होंने कहा कि पेयजल और सिंचाई के लिए 5.55 टीएमसी अतिरिक्त पानी का आवंटन परियोजना के पहले चरण में ही किया जा सकता है।
उन्होंने अनुरोध किया कि पुडुचेरी की प्रस्तावित जल लिंक योजना को राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) द्वारा तैयार की जा रही नहर प्रणाली में उचित रूप से शामिल किया जाए।
कैलाशनाथन ने सुझाव दिया कि पुडुचेरी सरकार को पड़ोसी तमिलनाडु स्थित सथानूर बांध से पुडुचेरी तक एक अलग पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दी जाए, ताकि पेयजल की जरूरत पूरी की जा सके और पानी की बर्बादी रोकी जा सके।
उन्होंने केंद्र, तमिलनाडु और पुडुचेरी के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने का प्रस्ताव रखा, ताकि केंद्र शासित प्रदेश की जल जरूरतों के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक कदम उठाए जा सकें।
एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक और फ्रांस सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने संबंधी मंजूरी के लिए कैलाशनाथन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताया।
भाषा संतोष अविनाश
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