पुलवामा हमले के ‘मास्टरमाइंड’ के पिता ने कहा, बुरहान हमजा को उसके कर्मों का फल मिला

पुलवामा हमले के 'मास्टरमाइंड' के पिता ने कहा, बुरहान हमजा को उसके कर्मों का फल मिला

पुलवामा हमले के ‘मास्टरमाइंड’ के पिता ने कहा, बुरहान हमजा को उसके कर्मों का फल मिला
Modified Date: May 22, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: May 22, 2026 10:33 pm IST

श्रीनगर, 22 मई (भाषा) पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड अर्जुमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के पिता ने शुक्रवार को कहा कि उनके बेटे ने “गलत रास्ता” चुना था और उसे उसकी सजा मिली, लेकिन परिवार को इसके लिए प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।

वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और आतंकवादी घोषित किए गए अर्जुमंद गुलजार उर्फ ‘डॉक्टर’ को बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी।

दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के निवासी उसके पिता गुलजार अहमद डार ने कहा कि उनके दूसरे बेटे शाहिद गुलजार को भाई के कृत्यों के लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए। शाहिद को 2022 में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जम्मू जेल में कैद है।

डार ने कहा, “अर्जुमंद 28 जनवरी 2018 को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पाकिस्तान गया था। वह मुझसे पूछे बिना खुद वहां गया। इससे पहले वह 2017 में बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। वहां पहला सेमेस्टर पूरा करने के बाद वह दिसंबर में घर लौटा और जनवरी में फिर चला गया।”

उन्होंने बताया कि इसके लगभग 13 दिन बाद परिवार को पता चला कि अर्जुमंद पाकिस्तान चला गया है।

उन्होंने कहा, “जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिली, हमने पुलिस और अन्य एजेंसियों को सूचित किया कि हमारा बेटा हमसे बिना पूछे पाकिस्तान चला गया है। हमने उसे (अर्जुमंद को) बताया था कि उसके पास एक महीने का वीजा है और उसे वापस आ जाना चाहिए लेकिन एक महीने बाद, उसने अपना छात्र वीजा जमा कराया और कहा कि वह पाकिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।”

डार ने बताया कि परिवार ने वे दस्तावेज पुलिस और एजेंसियों को सौंप दिए, “लेकिन दुर्भाग्य से, दो महीने बाद हमें पता चला कि उसने गलत रास्ता चुन लिया था।”

पिता ने कहा, “उसने हमसे संपर्क तोड़ दिया और तब से हमारा उससे कोई संपर्क नहीं रहा।”

उन्होंने बताया कि तब से परिवार बहुत कठिन हालात से गुजर रहा है।

डार ने कहा, “मेरा बड़ा बेटा शाहिद गुलजार 2022 में गिरफ्तार हुआ था और पिछले पांच वर्षों से जम्मू जेल में कैद है। शाहिद ने वर्ष 2019 में केएएस की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।”

डार ने बताया कि उनका दूसरा बेटा आरिफ शोध के उद्देश्य से रूस जाने वाला था, लेकिन उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि भाई के कृत्यों के लिए उनके दोनों बेटों को दंडित न किया जाए और उन्होंने शाहिद को जेल से रिहा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “मैं उपराज्यपाल और प्रशासन से अपील करता हूं, उसने (अर्जुमंद) गलत रास्ता चुना और उसे कर्मों का फल मिला और वह पाकिस्तान में मारा गया, लेकिन मेरे बेटे शाहिद को मानवता के आधार पर रिहा किया जाना चाहिए।”

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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