पंजाब कैबिनेट ने ‘लैंड पूलिंग’ नीति में संशोधन करने का फैसला किया

पंजाब कैबिनेट ने 'लैंड पूलिंग' नीति में संशोधन करने का फैसला किया

पंजाब कैबिनेट ने ‘लैंड पूलिंग’ नीति में संशोधन करने का फैसला किया
Modified Date: July 2, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: July 2, 2026 6:36 pm IST

चंडीगढ़, दो जुलाई (भाषा) पंजाब कैबिनेट ने राज्य की ‘लैंड पूलिंग’ नीति में बदलाव को मंजूरी दे दी है, जिससे जमीन मालिकों को अधिक फायदे मिलेंगे।

बुधवार शाम हुई कैबिनेट की बैठक में मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नागरिकों से जुड़ी सेवाओं (जैसे जन्म और जाति प्रमाण पत्र) के लिए सुविधा शुल्क माफ करने को भी मंजूरी दी गई।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बृहस्पतिवार को यहां मीडिया से कहा कि यह तय किया गया है कि ‘लैंड पूलिंग’ नीति के तहत प्रति एकड़ जमीन देने पर जमीन मालिकों को अब 200 वर्ग गज की जगह 210 वर्ग गज का वाणिज्यिक भूखंड मिलेगा।

मौजूदा नीति के तहत, जमीन के मालिक को एक एकड़ जमीन के बदले 1,000 वर्ग गज का रिहायशी भूखंड और 200 वर्ग गज का वाणिज्यिक भूखंड पाने का अधिकार है।

चीमा ने बताया कि संशोधन के अनुसार, अगर कोई जमीन मालिक 200 वर्ग गज का वाणिज्यिक भूखंड नहीं लेता है तो वह 1,630 वर्ग गज के रिहायशी भूखंड का हकदार होगा, जबकि मौजूदा नियम के तहत 1,600 वर्ग गज का भूखंड मिलता है।

चीमा ने एक और फैसले के बारे में कहा कि एसआईआर की जारी प्रक्रिया के लिए नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसे अलग-अलग दस्तावेजों की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने एक जुलाई से 30 सितंबर तक इन प्रमाणपत्रों को लेने के लिए लगने वाले सुविधा शुल्क को माफ करने का फैसला किया है।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल


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