पंजाब: गुरु ग्रंथ साहिब के लापता ‘सरूपों’ पर विवाद के बीच विधायक का कॉनवेयर अध्यक्ष पद से इस्तीफा

पंजाब: गुरु ग्रंथ साहिब के लापता ‘सरूपों’ पर विवाद के बीच विधायक का कॉनवेयर अध्यक्ष पद से इस्तीफा

पंजाब: गुरु ग्रंथ साहिब के लापता ‘सरूपों’ पर विवाद के बीच विधायक का कॉनवेयर अध्यक्ष पद से इस्तीफा
Modified Date: January 18, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: January 18, 2026 6:03 pm IST

चंडीगढ़, 18 जनवरी (भाषा) पंजाब में बंगा के विधायक सुखविंदर कुमार सुक्खी ने रविवार को ‘कंटेनर एंड वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन’ (कॉनवेयर) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने और कैबिनेट सदस्य का दर्जा छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘रसोखाना श्री नभ कंवल राजा साहिब गुरुद्वारा’ के बारे में संदेह जताये जाने के बाद वह आहत हुए हैं।

सुक्खी 2024 में शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हुए थे। उनका इस्तीफा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 328 लापता ‘सरूपों’ (गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों) की जांच के दौरान पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब की 169 पवित्र प्रतियां बरामद की हैं।

मान ने 14 जनवरी को मुक्तसर में माघी मेले के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘नवांशहर के बंगा के पास एक धार्मिक स्थल से मिले 169 ‘सरूपों’ में से 139 का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है। केवल 30 ‘सरूपों’ का ही रिकॉर्ड है…।’’

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हालांकि, रसोखाना श्री नभ कंवल राजा साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री के दावों का खंडन करते हुए दावा किया कि सभी ‘सरूपों’ का ब्योरा रखा गया है।

कुमार दो बार अकाली विधायक रह चुके हैं। शिअद से आम आदमी पार्टी में शामिल होने के कारण उनके खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की गई है। भगवंत मान सरकार ने पिछले साल उन्हें कॉनवेयर का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्हें कैबिनेट का दर्जा भी दिया गया था।

कुमार ने रविवार को फेसबुक पर एक वीडियो संदेश में कहा कि नवांशहर के गुरुद्वारे के प्रति कुछ संदेह उठाए जाने के बाद उन्हें दुख हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राजा साहब का आशीर्वाद लेने के लिए यहां (गुरुद्वारे) आता रहा हूं। मुझे लगता है कि कुछ दिन पहले दरबार (गुरुद्वारे) के प्रति कुछ संदेह उठाए गए थे कि अखंड पाठ साहिब का भोग मर्यादा के अनुसार नहीं किया गया था और यहां ‘सरूप’ भी मर्यादा (गुरु ग्रंथ साहिब के) के अनुसार नहीं थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे संगत (भक्तों) की भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिनमें मेरी अपनी भावनाएं भी शामिल हैं… मेरे लिए यह (मंदिर) भगवान का घर है।’’

कुमार ने कहा, ‘‘मैं आज पंजाब सरकार द्वारा प्रदत्त कैबिनेट रैंक त्यागने और कॉनवेयर के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा करता हूं।’’

कुमार ने कहा, ‘‘मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इतनी हिम्मत और साहस मिले कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के सामने सच बात रख सकें।’’

भाषा

शुभम सुरेश

सुरेश


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